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EXCLUSIVE STORY: नगर पालिका चुनाव में फिर एक बार बंगला-बगीचा बन सकता है बडा मुद्दा, भाजपा सरकार की योजना फेल, कमलनाथ सरकार का वादा भी अधूरा, पढें डेस्‍क इंचार्ज अभिषेक शर्मा की स्‍पेशल रिपोर्ट

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EXCLUSIVE STORY: नगर पालिका चुनाव में फिर एक बार बंगला-बगीचा बन सकता है बडा मुद्दा, भाजपा सरकार की योजना फेल, कमलनाथ सरकार का वादा भी अधूरा, पढें डेस्‍क इंचार्ज अभिषेक शर्मा की स्‍पेशल रिपोर्ट

नीमच :-

नीमच, शहर की सबसें पूरानी बंगला-बगीचा समस्‍या शहर की सबसें बडीं और सबसें परेशानी वाली समस्‍या मानी जाती है, 1 लाख 37 हजार से ज्‍यादा आबादी वालें शहर की आधी से ज्‍यादा जनता बंगलों और बगीचों में निवास करती है, यानिं की शहर के बंगला-बगीचा क्षेत्रों में करीब 16 हजार से ज्‍यादा परिवार निवास करतें है और कुल 70 हजार रहवासी है 

मध्‍यप्रदेश के पिछलें 14 सालों से राज कर रही भाजपा की शिवराज सरकार से भी शहर के बंगला-बगीचा रहवासियों ने बंगला-बगीचा की समस्‍याओं के निराकरण की मांग की थी, बंगला-बगीचा के रहवासियों द्वारा कई दफा मांग करनें के बाद शिवराज सरकार ने बंगला-बगीचा के रहवासियों की इस समस्‍या का 2017 में निदान करनें की ठानी और बंगला-बगीचा रहवासियों के लिए एक कानून लागू किया, अब शिवराज सरकार ने कानून को लागू किया, लेकिन यह कानून जनता के मान से देखा जाए तो सही नहीं माना गया है 

शिवराज सरकार द्वारा जो कानून बंगला-बगीचा रहवासियों के लिए लागू किया गया था, उस कानून ने बंगला-बगीचा के रहवासियों को मानों जैसे कटघेरें में लाकर खडा कर दिया हो, जी हां, दरअसल शिवराज सरकार ने रहवासियों के लिए वैध और पंजीकृत दस्‍तावेजों को मान्‍य किया था, लेकिन रहवासियों के पास वैध और पंजीकृत दस्‍तावेज यानिं रजिस्‍ट्री तो थी ही नहीं, इसका कारण भी हम आपकों बता देंतें है 

दरसअल तत्‍कालीन कलेक्‍टर द्वारा बंगला-बगीचा क्षेत्र की रजिस्‍ट्री पर आज से करीब 13 साल पहलें की रोक लगा दी थी, जिसके बाद अगर बंगला बगीचा रहवासियों के पास वैध दस्‍तावेज के तौर पर रजिस्‍ट्री है ही नहीं तो भला कैसे बंगला बगीचा रहवासी रजिस्‍ट्री लाएगा, इसी कारण शिवराज सरकार के नियम को सही नहीं ठहराया गया  

यह दस्‍तावेज है, लेकिन काम के नहीं- 

आपकों बता दें कि शहर के बंगला-बगीचा क्षेत्र में निवास कर रहें कुल 16 हजार परिवारों के पास हिंदूयादी बटवारा, इबानामा और एग्रिमेंट के दस्‍तावेज है, इन 16 हजार परिवारों में से करीब 4 हजार परिवारों के पास हिबानामा, 3 हजार परिवारों के पास हिंदूयादी बटवारा और करीब 2 हजार परिवारों के पास एग्रिमेंट के दस्‍तावेंज है, लेकिन भाजपा सरकार द्वारा लाए गए बंगला-बगीचा व्‍यवस्‍थापन के हिसाब से यह दस्‍तावेज किसी काम के नहीं है, ऐसें में सरकार के व्‍यवस्‍थापन को कोई फायदा नहीं है 

भाजपा सरकार का समझ ना आनें वाला व्‍यवस्‍थापन-

भाजपा सरकार द्वारा व्‍यवस्‍थापन की प्रकिया को शुरू करनें से खत्‍म करनें तक के समय यानिं की कुल ढाई सालों में में शहर के बंगला-बगीचा क्षेत्र में निवास कर रहें 16 हजार परिवारों में से कुल 435 परिवारों ने बंगला-बगीचा के व्‍यवस्‍थापन की प्रकिया में हिस्‍सा लिया 

इससें साफ जायर होता है कि बंगला-बगीच के रहवासियों को भी भाजपा सरकार का व्‍यवस्‍थापन समझ नहीं आया, इसी कारण 16 हजार में से कुल 435 परिवार व्‍यवस्‍थापन के लिए पहुंचे 

यह व्‍यवस्‍थापन की प्रकिया- 

व्‍यवस्‍थापन की प्रकिया के दौरान भाजपा सरकार और नगर पालिका की और से 5 हजार फुट की जमीन व्‍यवस्‍थापन के दायरें में दी गई, इसमें भी सरकार की और से 100 प्रतिशत बाजार की दर को तय किया गया, यानिं जमीन की कीमत से ज्‍यादा तो बंगला-बगीचा रहवासियों की गाइडलाईन थी, जो लोग 60 साल से बंगला-बगीचा क्षेत्र में रह रहें है उनकी भी कोई अहमियत नहीं 

इसी कारण से तत्‍कालीन भाजपा की शिवराज सरकार द्वारा व्‍यवस्‍थापन शुरू करनें के 2.5 साल बाद भी बंगला-बगीचा के रहवासियों का कोई हल नहीं निकल पाया और शिवराज सरकार के समय भी उन्‍हें मायूंसियों का ही सामना करना पडा 

लोकसभा चुनाव और कमलनाथ सरकार- 

लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश के नवनिर्वाचित मुखिया सीएम कमलनाथ नीमच पहुंचें थे, इस दौरान सीएम कमलनाथ ने एक आमसभा के दौरान कहा था कि बंगला-बगीचा व्‍यवस्‍थापन एक काला कानुन है, इस कालें कानुन को सीएम कमलनाथ ने बदलनें की बात कही थी, साथ ही जनता की राय पर नया कानुन बनानें की बात कही थी 

कमलनाथ सरकार को एक साल पुरा, कोई हल नहीं- 

आपकों बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद सीएम कमलनाथ को नीमच आए और प्रदेश में कांग्रेस सरकार को एक साल पूरा हो गया है, लेकिन अब तक बंगला-बगीचा के रहवासियों और शहर की सबसें बडीं समस्‍या का कोई हल आज तक नहीं निकल पाया है, यानिं बंगला-बगीचा रहवासियों की परेशानी टस से मस नहीं हुई और कोई रिजल्‍ट आज तक सामनें नहीं आया है 

पूर्व विधायक पटेल और कांग्रेस नेता पाटीदार ने सीएम को लिखा था पत्र- 

आपकों यह भी बता दें कि शहर की सबसें बडी बंगला-बगीचा समस्‍या को लेकर पूर्व विधायक नंदकिशोर पटेल, कांग्रेस नेता सत्‍यनारायण पाटीदार और कांग्रेस जिलाध्‍यक्ष अजीत कांठेड ने एक पत्र कमलनाथ सरकार को लिखा था, इस पत्र के जरिए कांग्रेस के तीनों ही नेताओं ने सीएम कमलनाथ से बदलाव का आग्रह किया था 

इस पर सीएम कमलनाथ ने पत्र में लिखी बातों को गंभीरता से लिया और जिला कलेक्‍टर सहित अन्‍य प्रशासनिक विभागों से विसंगतियों की जानकारी मांगी थी 

जिला कलेक्‍टर ने दी यह जानकारी- 

सीएम कमलनाथ ने जब पत्र के जरिए जिला कलेक्‍टर से जानकारी मांगी थी तो जिला कलेक्‍टर और अन्‍य प्रशासनिक अधिकारियों ने सीएम कमलनाथ को जानकारी पहुंचातें हुए शिवराज सरकार के व्‍यवस्‍थापन की जानकारी पहुंचाई थी, जिसमें शिवराज सरकार द्वारा बंगला-बगीचा धारियों को जारी किया गया लिज रेंट फिक्‍स करनें, लिज रेंट ज्‍यादा होंनें सहित अन्‍य जानकारियों को पत्र के जरिएं सीएम कमलनाथ को जानकारी पहुंचाई थी 

अब आ गए नगर पालिका चुनाव- 

जानकारी पहुंचानें के बाद समय पर समय‍ निकलता रहा और यह समय ऐसा निकला कि भाजपा सरकार भी चली गई, कमलनाथ सरकार और आए एक साल पूरा हो गया और अब नगर पालिका चुनाव भी सिर पर आ गए है, लेकिन बंगला बगीचा रहवासियों को कोई राहत अब तक नहीं मिल पाई है, ऐसें में बंगला-बगीचा के रहवासियों को केवल और केवल निराश ही हाथ लग रही है  

इनका कहना- 

बंगला-बगीचा कोई बडीं समस्‍या नहीं है, रहवासियों के पास रजिस्‍ट्री है, चाहें फिर उसकी जमीन कितनी भी छोटी क्‍यों ना हो, लेकिन अब सरकार कह रहीं है कि हमारी जमीन है, सरकार बंगला-बगीचा के रहवासियों को भी पट्टाधारी बना रहें है, ये सही नहीं है, हमारें पास हिबानामा है, उस हिबानामा को भी नहीं माना जा रहा है, हिबानामा को मानना चाहिए, सबकी रजिस्ट्रिया रोक रखी है, ये सीधा-सीधा नोट बंदी जैसा काम हो रहा है, अगर हमारी सुनवाई नहीं हुई तो बंगला-बगीचा के रहवासी आंदोलन करेंगे- इम्‍तियाज सर, रहवासी बंगला नंबर-43

व्‍यवस्‍थापन की प्रक्रिया शुरूआत से जों चली आ रही है, आज भी प्रक्रिया वहीं है, बंगला-बगीचा के रहवासी धीरे-धीरे आ रहें है और व्‍यवस्‍थापन की प्रक्रिया को पूर्ण कर रहें है, अब तक कितनें बंगला-बगीचा रहवासी पहुंचे है, इसकी जानकारी व्‍यवस्‍थापन शाखा में ही है- रियाजुद्दीन कुरैशी, सीएमओं, नगर पालिका, नीमच
 


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