खबरे BIG NEWS : ड्रग्स के खिलाफ अभियान प्रहार, मुंबई बमकांड गुलशन कुमार हत्याकांड के आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे, 70 करोड़ के ड्रग्स मामले में गिरफ्तार, पढें खबर BIG NEWS : उज्जैन में भीषण हादसा, मचा हडकंप, रेलिंग तोड़ नदी में गिरी कार, दो की मौत, एक लापता, पढें खबर BADI KHABAR : प्रदेश में कौन होगा अगले मुख्यमंत्री का चेहेरा, भाजपा प्रभारी ने सीएम के संभावित दावेदारों को लेकर किया ये बड़ा खुलासा, पढें खबर BIG NEWS : सनसनीखेज मामला आया सामने, गुंडो ने महिला एडवोकेट को रोककर मुँह पर तेजाब फेंकने और परिवार को जान से मारने कि दि धमकी,पढें खबर GOOD NEWS : आयुष्मान योजना के तहत सुपर स्पेशलिटी नर्सिंग होम में होगा मुफ्त उपचार, नीमच के 4 अस्पताल चिन्हित, पढें खबर BADI KHABAR : राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज करेंगे पंख अभियान की शुरुआत, जाने अभियान का उद्देश्य, पढें खबर NEWS : नगर परिषद की अनदेखी से स्वच्छता अभियान की उड़ रही धज्जियां, आम रास्तो पर लगे हुए है मटेरियल ढेर, पढ़े दशरथ नागदा की खबर BIG NEWS : कोरोना के बाद फिर बढ़ी बस संचालको कि चिंता, प्रदेश में थम सकते हैं बसों के पहिए, ये है बड़ा कारण NEWS : बालिकाओं एवं महिलाओं के सम्मान में वर्षा मालवीय ने किए यह कार्य, जिलाधीश ने किया सम्मानित, पढ़े मोहन नागदा की खबर BIG NEWS : पेट्रोल-डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि, बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस ने भाजपा पर बोला हमला, पढें खबर NEWS : सुवासरा में राष्ट्रीय बालिका दिवस का किया आयोजन, इन प्रतियोगिताओ का भी हुआ आयोजन, पढ़े रवि पोरवाल की खबर NEWS : बनी गांव में हो रहा भागवत ज्ञान गंगा का आयोजन, कथा के भजनों पर लोग हुए मंत्रमग्ध, पढ़े बद्रीलाल गुर्जर की खबर GOOD NEWS : इस कंपनी ने बनायाा आटा और गुड़ से चाय कप,उपयोग के बाद गायों को खिलाएं, पढें खबर BADI KHABAR : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियम में हुआ बड़ा बदलाव, जाने पूरी प्रक्रिया, पढें खबर NEWS : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिया बयान, 50 हजार किसान मध्यप्रदेश से दिल्ली करेंगे कूच, पढें खबर

NEWS : किशोर कुमार की पुण्यतिथि : एक सपना जो इस हर दिल अजीज़ गायक के साथ चला गया..., पढें खबर

Image not avalible

NEWS : किशोर कुमार की पुण्यतिथि : एक सपना जो इस हर दिल अजीज़ गायक के साथ चला गया..., पढें खबर

डेस्‍क :-

खंडवा I गीत-संगीत और फैन्स आज स्व. किशोर कुमार को याद कर रहे हैं. हरदिल अजीज़ किशोर दा की आज पुण्यतिथि है. खंडवा के लोगों के तो वो दिल में बसते हैं. उन्हें गुजरे 33 साल हो गए. लेकिन यहां के लोगों के मन में वो आज भी ज़िंदा हैं I

खंडवा के बंगाली परिवार का एक ऐसा सितारा जो बॉलीवुड में ध्रुवतारा बनकर आज भी हम सब के बीच चमक रहा है. पूरा देश आज उनकी 33 वीं पुण्यतिथि मना रहा है. किशोर कुमार बॉलीवुड का वो बेहतरीन गायक....वो बेहतरीन सितारा... जिनकी दिलकश आवाज़ और नटखट स्वभाव पर हर कोई फिदा हो जाए. आज किशोर दा की पुण्यतिथि है. 13 अक्तूबर के दिन ही किशोर कुमार 1987 में हम सब को छोड़ कर चले गए थे. लेकिन मौत के बाद भी वो हम सब के बीच अमर हैं I

आभाष कुमार से लेकर किशोर कुमार तक का सफर-
4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के छोटे से शहर खंडवा जिले में एक बंगाली परिवार में जन्मे किशोर कुमार के बचपन का नाम तो आभाष रखा गया था. 15 वर्षों तक खंडवा में रहने के बाद किशोर कुमार वर्ष 1946 में अपने भैया और फिल्म अभिनेता अशोक कुमार के पास मुंबई चले गए थे. यहां बॉलीवुड ने उन्हें किशोर कुमार का नाम दिया. वो के.एल. सहगल की तरह गायक बनना चाहते थे. 1948 में खेमचन्द्र प्रकाश के संगीत निर्देशन में फिल्म जिद्दी के लिए उन्होंने पहली बार देवानंद के लिए गाना गाया. गीत के बोल थे "मरने की दुआएं क्यूँ मांगू. दरअसल खेमचंद्र प्रकाश ने उन्हें गाने का मौका आखिर क्यों दिया सुनिए यह किस्सा I

 

दो दर्जन अभिनेताओं के लिए गीत गाए-

किशोर कुमार ने बॉलीवुड में गायकी से लेकर अदाकारी तक के सफर में ऐसा मुकाम बनाया कि अमर हो गए.कहते हैं कि फिर उन्होंने पीछे मुडकर कभी नहीं देखा. राजेश खन्ना,अमिताभ बच्चन, शशि कपूर,राकेश रौशन,मिथुन चक्रवर्ती जैसे दो दर्जन से ज्यादा कलाकारों को उन्होंने अपनी आवाज दी. किशोर कुमार का आवाज का जादू पाकर इन कलाकारों को एक अलग मुकाम हासिल हुआ.

वो सपना जो साकार न हुआ-
अपनी वर्सेटाइल आवाज़ और अदाकारी की वजह से करीब 40 साल तक किशोर कुमार ने बॉलीवुड में राज किया. 90 के दशक में किशोर कुमार का बॉलीवुड की चकाचौंध से मोहभंग हो गया था. वो अपने बचपन के लालाजी की दूध-जलेबी खाकर अपने खंडवा में ही बस जाना चाहते थे. बॉलीवुड के सुपरस्टार कलाकारों की दुनिया को छोड़ अपने बचपन के दोस्तों के साथ खंडवा की उन गलियों में बिताना चाहते थे जहां उनका बचपन बीता था. 1987 में दीपावली मनाने वो खंडवा आना चाहते थे. उन्होंने अपने खंडवा के पैतृक मकान के चौकीदार सीताराम से घर की साफ़ सफाई करवाने के लिए कहा था. लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था. 13 अक्टूबर 1987 की शाम वो हम सबको छोडकर चले गए और उनका खंडवा में बसने का सपना उनके साथ ही चल बसा I


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright BABJI NETWORK PVT LTD 2020. Design and Developed By PIONEER TECHNOPLAYERS Pvt Ltd.