REPORT: ऑनलाइन तबादला नीति लागू, दो हफ्ते में ज्वाइन नहीं किया तो हो जाओगे रिलीव

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REPORT: ऑनलाइन तबादला नीति लागू, दो हफ्ते में ज्वाइन नहीं किया तो हो जाओगे रिलीव

भोपाल :-

राज्य शासन ने नई तबादला नीति लागू कर दी है। जिसके तहत तबादला आदेश ऑनलाइन जारी होगा। तबादला होने के बाद संबंधित अधिकारी कर्मचारी ने 14 दिन के भीतर नई जगह पर आमद नहीं दी तो वह स्वत: रिलीव हो जाएंगे।

साथ ही आहरण संवितरण अधिकारी द्वारा वेतन भी काट दिया जाएगा। तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन वहीं लोग करें जो स्वयं के व्यय पर तबादला चाहते हैं। जबकि प्रशासनिक आधार पर तबादले विभाग स्वयं करेंगे। नीति के तहत 200 पद संख्या तक 20 फीसदी तबादले एवं इससे अधिक होने पर 20+10 प्रतिशत तबादले हो सकेंगे। 

राज्य शासन ने ऑनलाइन तबादले के लिए वित्त विभाग के अधीन ट्रेजरी की वेबसाइट

http&//mptreasury.gov.in/FMS/login.jsp तैयार की है। जिस पर लॉग इन के जरिए एवं बिना लॉग के भी तबादले के लिए आवेदन किया जा सकेगा। खास बात यह है कि तबादलों के आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून है। आवेदन में एम्पलॉई कोड अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। 

इस तरह होंगे तबादले
जिलों के भीतर तबादले कलेक्टर प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद कर सकेंगे। पुलिस के तबादले पुलिस तबादला बोर्ड के मापदंड अनुसार ही होंगे। यानी जिलों में पुलिस अधीक्षक प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से कर सकेंगे। वन विभाग में अवैध उत्खनन एवं कटाई को रोकने के लिए ज्यादा संख्या में तबादले हो सकेंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री के अनुमोदन से ही होंगे। जिलों के बाहर तृतीय कर्मचारी तक के तबादले विभागीय मंत्री के अनुमोदन से विभागाध्यक्ष कर सकेंगे। जबकि प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अफसरों के तबादले मंत्री के अनुमोदन से प्रमुख सचिव कर सकेंगे। अनुसूचित क्षेत्रों से गैर अनुसूचित क्षेत्र में तभी बाहर जा सकेंगे जब पहले उस पद पर पदस्थापना की जाए। 

अनुसूचित जिले से दूसरे अनुसूचित जिले में रिक्त पद को भरने की अनिवार्यता नहीं है। कम लिंगानुपात वाले नौ जिलों में महिला अधिकारियों को तबादलों में प्राथमिकता रहेगी। सिर्फ स्वयं के व्यय पर तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर सामान्य तबादले किए जाएंगे लेकिन निर्माण स्वास्थ्य एवं अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों में लगे अफसरों पर यह लागू नहीं होता है। शिक्षा विभाग की नीति अलग है। अन्य विभाग नीति में कुछ बदवाल चाहते हैं तो सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमोदन करना होगा।


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