PRESS RELEASE: संदीप राठौर की यलगार, बोले अपने पाप छुपाने के लियें बंद करा दियें डॉ. के.के वास्‍कले ने कैमरे, पढें खबर

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PRESS RELEASE: संदीप राठौर की यलगार, बोले अपने पाप छुपाने के लियें बंद करा दियें डॉ. के.के वास्‍कले ने कैमरे, पढें खबर

नीमच :-

जिला अस्पताल की सुरक्षा को लेकर प्रबंधन लापरवाही बरत रहा है। इसका खामियाज उन लोगों को उठाना पड़ रहा है जो अस्पताल में अपने इलाज कराने आते हैं। जिला अस्‍पताल संघर्ष समिति हमेशा जिला अस्‍पताल की पोल को खोलता आया है इस पूरे मामले को लेकर जिला अस्‍पताल संघर्ष समि‍ति का आरोप है कि ये तमाम कैमरे जानबूझ करके बंद किये गयें है ताकि लापरवाह डॉक्‍टरों की चोरी ना पकडी जा सकें नीमच जिला अस्‍पताल में पदस्‍थ चिकित्‍सकों की लापरवाही और डयुटी से नदारत रहने के मामलें में आयें दिन बवाल होना आम बात है ।

जिला अस्‍पताल संघर्ष समिति के सदस्‍य संदीप राठौर ने बताया कि  नीमच के सबसे बडें राजमाता सिंधिया जिला अस्‍पताल में लगें सभी 10 सीसीटीवी कैमरे दिसम्‍बर महीने से बंद पडें है जिनको 6 माह बाद भी जिला अस्‍पताल प्रशासन चालू नही कर पाया जिला अस्पताल की दीवारों पर स्लोगन लिखे गए है कि आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं अतः डाक्टर नर्स और कर्मचारियों से अच्छा व्यवहार करें। लेकिन जिला अस्‍पताल में मरीजों और परिवारजनों से लूट बडे पैमाने पर हो रही है जिसके चलते अस्‍पताल प्रशासन ने अपनी चोरी ना पकडायें इस लियें तीसरी आंख बंद कर दी है । 

जिला अस्पताल में आए दिन लापरवाही का नमून देखने को मिल रहा है। इसके बाद भी अस्पताल लगातार लापरवाही बरते हुए हैं। दरअसल जिला अस्पताल में लगी तीसरी आंख महीनों से बंद पड़ी हुई है। इस कारण असामाजिक तत्व इसका फायदा उठाने से बिल्कुल भी परहेज नहीं करते हैं। अस्पताल में प्रतिदिन चोरियों की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। जिसकी खबर खुद जिला अस्पताल प्रबंधन को होने के बावजूद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। 

श्री संदीप राठौर ने कहा कि यह कैमरे इस कारण भी बंद कियें गयें है कि डॉक्‍टर एक तो समय पर नही आतें है और रात को डॉक्‍टर अपनी ड्युटी से गायब रहतें है और जब सुबह इनका हाजरी रजिस्‍टर देखा जायें तो उनमें इनके हस्‍ताक्षर होतें है जिसके चलते रातों को हंगामें की खबर आती है जिसका सबसे बडा कारण जिला अस्‍पताल में डॉक्‍टरों की लापरवाही है और इन सभी से बचने के लिये सीसीटीवी कैमरे बंद कर दियें गयें ताकि इनके खिलाफ कोई सबूत नही मिल पायें लेकिन इन्हें सुधरवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुध नहीं ली है। 

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल व वार्डों में मरीज व उनके परिजनों की गतिविधियों पर निगरानी करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इनका मानीटर सिविल सर्जन के चैंबर मे लगाया गया था। चैंबर से सिविल सर्जन मानीटर के माध्यम से कहां क्या हो रहा है इन गतिविधियों को आसानी से नजर रखतें थें जिम्‍मेदार अधिकारीयों की डॉक्‍टरों व नर्सो से मिली भगत के चलते इन्‍होने कैमरे बंद करा दियें और फिर चालू तक नही करायें गयें । वर्तमान में स्थिति यह है सभी कैमरे खराब होने से बंद हो गए है। 

श्री राठौर ने कहा कि जिला असप्‍ताल संघर्ष समिति हमेशा यह कहता आया कि जिला अस्‍पताल में भ्रष्‍ट्राचार व ठेके पर डीलेवरी का गौरखधंधा जोरो पर चल रहा है इन सभी से बचने के लियें कैमरे बंद करा दियें गयें है और उन्‍हे खराब होने का हवाला देकर सीएमएचओ केके वास्‍कले अपना पल्‍ला झाड रहें है उनकी सरंक्षण में जिला अस्‍पताल में भ्रष्‍ट्राचार का काम हो रहा है जिसके सूत्रधार वे खुद है जिला कलेक्‍टर से मांग करेगें की इसकी जांच कराई जायें और कैमरे चालू करायें जावें जिससे की इनकी पोल पट्टी जनता के सामने आ सकें ।


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