EXCLUSIVE REPORT : नीमच मंडी की बर्बादी का ऐसा सच जो आपने अभी तक नहीं जाना, शहर का पेट भरने वाली इस मंडी को छोड़कर मजदूर और हम्माल दो जून रोटी की तलाश में कर रहे है पलायन, जिंसों की आवके रसातल में, ट्रेडर्स में भी उपजा भारी आक्रोश, पढ़िए हमारी ये आँखे खोल देनी वाली ख़ास रिपोर्ट

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EXCLUSIVE REPORT : नीमच मंडी की बर्बादी का ऐसा सच जो आपने अभी तक नहीं जाना, शहर का पेट भरने वाली इस मंडी को छोड़कर मजदूर और हम्माल दो जून रोटी की तलाश में कर रहे है पलायन, जिंसों की आवके रसातल में, ट्रेडर्स में भी उपजा भारी आक्रोश, पढ़िए हमारी ये आँखे खोल देनी वाली ख़ास रिपोर्ट

नीमच :-

किसी जमाने में प्रदेश की सबसे बड़ी सीमांत मंडी कही जाने वाली नीमच अनाज मंडी आज पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और नीमच मंडी में काम करने वाले करीब दो सौ हम्माल और मजदूर नीमच मंडी से राजस्थान की निम्बाहेड़ा मंडी में पलायन कर चुके है नीमच मंडी में आवके रूपए में मात्र दस पैसे बची है तुलावटियों का हाल यह है की रोज के मात्र पचास रूपए कमा पा रहे है व्यापारियों और मजदूरों में इतना भयानक आक्रोश पनप रहा है और यह आक्रोश आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा 

इस मामले में वॉइस ऑफ़ एमपी की टीम ने आज नीमच मंडी का जायजा लिया तो पता चला की नीमच मंडी में इनदिनों करीब एक हज़ार बोरी इसबगोल आया करता था लेकिन आज इसबगोल की आवक मात्र 100  बोरी है वही कलोंजी,अजवायन,धनिया मेथी जैसी जिंसों की 50 - 50  बोरी आ रही है मूंगफली का हाल यह है पांच हज़ार बोरी की जगह मात्र ७० बोरी की आवक है और लहसून की आवक मात्र 5 हज़ार बोरी रह गयी जबकि मंदसौर और पिपलिया मंडी में लहसून की आवक 10  से 15  हज़ार बोरी है 

नीमच मंडी जो पोस्तादाने में देश की सबसे बड़ी मंडियों में शुमार थी पिछले दस दिन से पोस्तादाना की ले बेचीं बिलकुल बंद है भारतीय पोस्तादाना का भाव सात से आठ हज़ार रूपए प्रति क्विंटल गिर चुका है और मक्का एवं जीरे का हाल यह है की बिकने ही नहीं आ रहा 

मंडी में आवके बंद होने से नीमच मंडी के मजदूर और हम्माल पड़ौसी राज्य राजस्थान की निम्बाहेड़ा मंडी में पलायन कर रहे है और अभी करीब दो सौ हम्माल रोजाना रोजी रोटी की तलाश में वहा जा रहे है इस मामले में हम्माल नसरुल्ला का कहना है की नीमच मंडी में आवके बंद होने से हम्माली नहीं मिल रही बच्चो को क्या खिलाएंगे नीमच मंडी में करीब 700 हम्माल मजदूर काम किया करते थे 

वही तुलावटी जुगल अहीर का कहना है की आवके नहीं होने से तुलावटी मात्र पचास रूपए रोज के कमा पा रहे है नीमच मंडी में 167 तुलावटी काम करते है कमोबेश यही स्थिति हाथ ठेले वालो और टेम्पो वालो की है नीमच मंडी में 100  हाथ ठेले और करीब 200 टेम्पो चलते है 

इस मामले में मंडी व्यापारी विजय कुमार गर्ग का कहना है की सरकार ने जो ऑन लाइन खरीदी शुरू की है उसमे बड़े व्यापारियों ने सिंडिकेट बना लिए और अपने मनमुआफिक खरीदारी कर रहे है इसके चलते छोटे कारोबारी, हम्माल, मजदूर सब बर्बाद हो रहे है जबकि मंडी डाइरेक्टर उमराव गुर्जर का कहना था की सारा खेल सरकार की गलत आयात निति,जीएसटी, ऑन लाइन खरीदी और नोटबंदी का दुष्परिणाम है मालवा में किसान, व्यापारी, मजदूर सब बर्बाद हो गए है  


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