GROUND ZERO : जमीन पर जन्नत का अनकहा सच, कश्मीर से लौटकर अब्दुल हुसैन बुरहानी की कलम से

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GROUND ZERO : जमीन पर जन्नत का अनकहा सच, कश्मीर से लौटकर अब्दुल हुसैन बुरहानी की कलम से

नीमच :-

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हर भारतीय की ख्वाहिश होती है की एक बार ज़मीन की जन्नत कश्मीर को ज़रूर देखे बीते दिनों वॉइस ऑफ़ एमपी के जांबाज़ रिपोर्टर अब्दुल हुसैन बुरहानी आठ दिन की कश्मीर यात्रा पर गए थे वहा उन्होंने जम्मू कश्मीर में घूमते हुए वहा के हालातो का जायजा लिया ग्राउंड ज़ीरो से यह ख़ास रिपोर्ट आपके लिए कश्मीर क्या बोला PART 5                        

जमीन पर यदि कहीं जन्नत है तो यहीं है यहीं है। किसी शायर ने कश्मीर के बारे में सही कहा है की जमीन पर यदि कहीं जन्नत है तो यहीं है यहीं है यहीं है।यह बात कश्मीर पहुंचते ही चरितार्थ हो जाती है।इसकी शुरुआत तो हलाकि जम्मू से ही हो जाती है।जम्मू से लेकर संपूर्ण कश्मीर तक का मार्ग काफी खूबसूरत पहाड़ियों एवं हरियाली से आच्छादित है। पहाड़ों की चोटी से बहते हुए झरने सहसा मन मोह लेते हैं।जम्मू से श्रीनगर तक की संपूर्ण यात्रा में बीच-बीच में छोटे-छोटे झरने एवं छोटी से लेकर देश की सबसे बड़ी टनल आपको कश्मीर पहुंचते-पहुंचते तो वहां के खूबसूरत माहौल में ढाल देती है। यहां से सिंधु नदी, लेडर नदी, एवं चिनाब नदी बीच-बीच में आप के साथ साथ चलती है।

सोनामर्ग 
सोनमर्ग में बर्फ से आच्छादित पहाड़ भाषा ही आपका मन मोह लेते हैं ऐसा लगता है जैसे ज़मीन और पहाड़ों ने सफेद चादर ओढ़ ली है यहां पर किसकी इन का लुफ्त उठाने का मजा ही कुछ और है साथ ही भारत में अटखेलियां करना काफी अच्छा लगता है और उसे खेलते हुए आपको यहां टाइम का पता ही नहीं चलेगा। यहां आपको वक्त पर चलने के लिए एवं बस पर मिली हवाओं से बचने के लिए स्पेशल कपड़ों एवं जूतों की जरूरत होती है जो यहां बाहर दुकानों पर किराए से आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं साथ ही यहां आपको गाइड एवं इसकीम के लिए जिंक के लिए ले जाने के लिए एवं चार्जिंग करने हेतु इसके विशेषज्ञ उपलब्ध रहते हैं जो आपको ओरिजिनल रेट में लाइट स्लेजिंग करने का आनंद प्रदान करते हैं।

पहलगाम 
कश्मीर का यह काफी खूबसूरत एवं मनमोहक स्थान है।यहां पहुंचते ही हरे-भरे खूबसूरत गार्डन एवं बहती हुई लेडर नदी आपका भव्य इस्तक़बाल करते हैं। यहां से बहती हुई शानदार नदी के किनारे एवं गार्डन में बैठ कर आप को ये एहसास होता है जैसे कि आप किसी जन्नत में आ गए हो। यहां की खूबसूरत वादियां आपका मन मोह लेती है।उसके बाद शुरू होती है आपकी आगे की एडवेंचरस यात्रा जो घोड़ों पर बैठकर तय करना होती है।

घोड़े पर बैठकर यहां मिनी स्विट्ज़रलैंड  नाम का गार्डन है  जिसे कि स्विटजरलैंड देश में जिस तरह के पेड़ एवं हरियाली व गार्डन होते हैं उसके जैसा बना बनाया हुआ है इसीलिए इसका नाम मिनी स्विट्ज़रलैंड रखा गया है।जहां कि घोड़ों पर बैठकर तंग पहाड़ी रास्तों से जाना होता है। उसके अलावा शूटिंग पॉइंट जहां बॉबी- बेताब- मिशन कश्मीर आदि कई फिल्मों की शूटिंग हुई है वहां आपको घोड़े पर बैठा कर ले जाया जाता है। यहां घोड़ों पर यात्रा काफी रोमांटिक एवं खतरनाक होती है जहां की काफी सँकड़े सिंगल रास्तों पर घोड़ों पर बिठा कर ले जाया जाता है।

रास्ता इतना खतरनाक होता है कि घोड़े का एक कदम इधर से उधर हुआ कि नीचे खाई में गिरने का डर रहता है मगर ये पहाड़ी घोड़े काफी ट्रेंड एवं समझदार होते हैं। यहां एक बात महत्वपूर्ण है कि पहलगाम में एवं कश्मीर के अन्य सभी स्थानों पर जहां घोड़ों पर बैठ कर जाना होता है वहां घोड़े वाले काफी ज्यादा मोल भाव एवं बार्गेनिंग करते हैं।आपको एक थोड़े के लगभग 15 सो रुपए बताते हैं एवं अगर आप स्मार्ट हैं और मोल-भाव कर सकते हैं वह आपको 300 तक में भी ले जाने को राजी हो जाएंगे इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि इन सब  झंझटों से बचने के लिए हर जगह पर टूरिस्ट इन्फॉर्मेशन सेंटर होते हैं।वहां पर आपको गाइड एवं टूरिस्ट पुलिस  आदि मौजूद होते हैं जो कि आपको वहां के तय किए हुए सरकारी रेट पर भेजते हैं।अतः सर्वप्रथम टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर जाकर वहां मौजूद स्टाफ की मदद लेनी चाहिए।


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