BIG BULLETIN : 9वीं-10वीं में बेस्ट ऑफ फाइव का फार्मूला लागू, 'जान का जोखिम' के नाम पर किसी भी खेल पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते: हाईकोर्ट के साथ जाने आज की खबरे

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BIG BULLETIN : 9वीं-10वीं में बेस्ट ऑफ फाइव का फार्मूला लागू, 'जान का जोखिम' के नाम पर किसी भी खेल पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते: हाईकोर्ट के साथ जाने आज की खबरे

नीमच :-

9वीं-10वीं में बेस्ट ऑफ फाइव का फार्मूला लागू
एक विषय में सप्लीमेंट्री आने वाले 9वीं-10वीं के छात्र-छात्राओं को घबराने की जरूरत नहीं है। अब उन्हें पास माना जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल मप्र भोपाल की ओर से जारी नए आदेश में कहा गया है कि कक्षा 9 और 10 मेंं यदि कोई विद्यार्थी पांच सब्जेक्ट में पास हो जाता है और एक विषय में फेल हो जाए तो भी उसे पास मान कर उसका प्रमोशन अगली कक्षा में कर दिया जाए। इसके लिए 'बेस्ट ऑफ फाइव सब्जेक्ट का फार्मूला तैयार किया गया है।

MP: कैदी के बच्चों के चेहरे पर जेल की सील लगा दी
रक्षाबंधन के मौके पर सोमवार को कई लोग जेल में बंद अपने परिजनों से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान भोपाल सेंट्रल जेल की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जानकारी के अनुसार जेलकर्मियों ने जेल में बंद अपने पिता से मिलने पहुंचे दो बच्चों के चेहरे पर मोहर लगा दी। यह बाद मीडिया में आते ही जेल मंत्री कुसुम महदेले ने जांच कराने की बात कही है। 

इस गेंदबाज पर लगा ग्रहण समाप्त, फिर चमकेगा क्रिकेट का सितारा
भारत के प्रतिबंधित तेज गेंदबाज को अदालत से बड़ी राहत मिली है। इस गेंदबाज के पक्ष में फैसला देते हुए केरल हाईकोर्ट ने बीसीसीआई के सभी प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया है। यह गेंदबाज कोई और नहीं बल्कि एस श्रीसंत हैं। श्रीसंत को 2013 के आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के मामले में दोषी पाया गया था। इसी साल अप्रैल में श्रीसंत ने बीसीसीआई के समक्ष याचिका लगाई थी जिसे बीसीसीआई ने खारिज कर दिया था। केरल हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद श्रीसंत को नेशनल और इंटरनेशनल क्रिकेट में फिर से मौका मिलने की संभावना बढ़ गयी हैं। 

इन मामलों में समझौता होने के बाद भी सजाएं दी जातीं हैं
दिल्ली हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते एक अहम फैसले में कहा है कि रेप का केस दर्ज होने के बाद अगर आरोपी और पीड़िता के बीच समझौता हो जाए और दोनों शादी कर लें तब भी समझौते के आधार पर केस रद्द नहीं हो सकता। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का हवाला दिया गया। इसमें कहा गया कि समाज के खिलाफ किए गए अपराध के मामले में समझौते के आधार पर केस रद्द नहीं हो सकता। आखिर किन मामलों में समझौते के आधार पर केस रद्द हो सकता है और किन मामलों में नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर क्या व्यवस्था दी हुई है, ये जानना जरूरी है।

'जान का जोखिम' के नाम पर किसी भी खेल पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते: हाईकोर्ट
बंबई हाई कोर्ट ने सोमवार को दही-हांडी के दौरान बनने वाले मानव पिरामिड की ऊंचाई पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है लेकिन अब 14 साल से कम उम्र के बच्चों को इस आयोजन में शामिल नहीं किया जा सकेगा। अदालत ने इसके आयोजकों को पुख्ता सुरक्षा उपाय अपनाने के भी निर्देश दिए हैं। हालांकि हाई कोर्ट ने 2014 में ऐसे मानव पिरामिड की अधिकतम ऊंचाई 20 फीट तय करते हुए इसमें 18 साल से कम उम्र के युवकों को शामिल करने पर रोक लगा दी थी।

प्रमोशन में आरक्षण: शिवराज सरकार नियम बना सकती है, लागू नहीं कर सकती
मप्र की शिवराज सिंह सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे प्रमोशन में आरक्षण मामले का फैसला आने से पहले ही नए नियम बना लिए ताकि वो शासकीय कर्मचारियों के प्रमोशन में आरक्षण को लागू कर सके परंतु कानूनविदों की राय इस मामले में कुछ अलग है। उनका कहना है कि पदोन्नति नियम 2002 की जगह नए नियम बनाने का सरकार को पूरा अधिकार है पर इसे क्रियान्वित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर जो भी दिशा-निर्देश दिए हैं, उन्हें पूरा करते हुए यदि नियम बनाए गए हैं तो कोई दिक्कत नहीं होगी।

 


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