NEWS: नीमच में बस संचालक भर रहें भेड बकरी जैसे सवारी, बसों में किराया सूची नहीं कर रखी चस्‍पा, ग्रामीण रूटों पर चलने वाले यात्री वाहनों के संचालक वसूल रहे मुंहमांगा किराया, पढें अशरफ अली की खबर

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NEWS: नीमच में बस संचालक भर रहें भेड बकरी जैसे सवारी, बसों में किराया सूची नहीं कर रखी चस्‍पा, ग्रामीण रूटों पर चलने वाले यात्री वाहनों के संचालक वसूल रहे मुंहमांगा किराया, पढें अशरफ अली की खबर

नीमच :-

नीमच से मंदसौर और गांवों में चलने वाली बसों में किराया सूची चस्पा नहीं है। बस संचालक अपने फायदे के लिए निर्धारित किराया से ज्यादा किराया वसूलने के लिए सूची वाहनों के अंदर और चस्पा नहीं करते हैं। त्योहारों के सीजन में बस संचालक यात्रियों से मनचाहा किराया वसूलते हैं। अगर कोई यात्री ज्यादा किराया देने में आना कानी करता है तो उसे रास्ते में उतार दिया जाता है या फिर अभद्रता की जाती है। 

साथ ही त्‍यौहारों पर सीटों से ज्‍यादा सवारी भर दी जाती है जब इनसें पूछता जाता है तो ये बस संचालक ये कहते नजर आतें है कि यही तो सीजन है हमारा जब रूपयें कमा सकतें है लेकिन इन्‍हे की मौत की परवाह नही होती बस की क्षमता से ज्‍यादा सवारी बिठातें है इन पर परिवहन विभाग भी कोई कार्रवाही नही करता है 

बता दें कि परिवहन विभाग ने एक आदेश बस संचालकों के लिए जारी किया था। इस आदेश में उल्लेख किया गया था कि यात्री वाहनों में चलने वाले विकलांगों से सिर्फ पचास प्रतिशत किराया लिया जाए। लेकिन इस आदेश का पालन बस संचालक नहीं करते हैं। 

यही नहीं बस संचालकों ने परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश को बसों के अंदर और बाहर चस्पा नहीं किया है। अगर किसी विकलांग यात्री को इस आदेश के बारे में पता है और वह कंडक्टर से पचास प्रतिशत किराया देता है तो उसे रास्ते में उतार दिया जाता है। मजबूरन विकलांग को पूरा किराया देना पड़ता है। 


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