OMG ! मालवा में खत्म हो रही देशी लहसुन की पैदावार, किसानों ने कैश क्राप के चक्कर में किया किनारा

Image not avalible

OMG ! मालवा में खत्म हो रही देशी लहसुन की पैदावार, किसानों ने कैश क्राप के चक्कर में किया किनारा

नीमच :-

परंपरागत और देशी किस्मों की पैदावार के मामले में अपनी खास पहचान रखने वाले प्रदेश के मालवा इलाके से अब देशी लहसुन की नस्ल खत्म होने के कगार पर है. बेसिक एरोमेटिक तत्व से भरपूर इस इलाके की देशी लहसुन की दुनियाभर में भारी डिमांड रहती है. लेकिन कैश क्राप और जमीन के लगातार दोहन के चक्कर में यहां अब देशी किस्म की फसल की पैदावार धीरे-धीरे कम हो गई है.

विदेशी बाजारों में देसी लहसुन की भारी डिमांड होने से इलाके के किसान पिछले 40 सालों से लगातार अपनी जमीनों में देसी लहसुन की बुवाई कर फसल ले रहे हैं. इसके चलते अब यहां यह फसल यहां अब पैदा होना ही बंद हो गई है. दलोदा और मंदसौर तहसील के तीन दर्जन गांव ऐसे हैं जहां देशी किस्म की लहसुन पैदा होना बंद हो गई है. इन दोनों तहसीलों में किसानों ने महंगे दामों पर चाइनीज यानी ऊटी किस्म की लहसुन का बीज खरीद कर करीब 3000 हेक्टर जमीन में बुआई की है.

मंदसौर और आसपास के जिलों में पैदा होने वाली देसी लहसुन की देश के दक्षिणी प्रांतों के अलावा बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भारी डिमांड है. कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक किसानों द्वारा फसल चक्र ना अपनाने से अब यहां की जमीन बंजर होती जा रही है. यही वजह है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली विदेशी नस्लों की फसलों की पैदावार भी अब यहां कम हो रही है. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को विदेशी नस्लों को अपनाने के बजाय अपनी जमीन का उपचार और उनमें फसल चक्र अपनाकर अलग-अलग फसलें पैदा करने की सलाह दी है.


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright VOICEOFMP 2017. Design and Developed By Pioneer Technoplayers Pvt Ltd.