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RELATIONSHIP: अगर आपके भी हैं कम दोस्त, तो कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये काम

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RELATIONSHIP: अगर आपके भी हैं कम दोस्त, तो कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये काम

डेस्‍क :-

क्या आपके भी दोस्त कम हैं और आपको लगता है कि आपके दोस्तों के दोस्त ज्यादा हैं या वे सोशल ज्यादा रहते हैं। तो हम आपको बता दें कि यह मात्र आपका भ्रम है या फिर कह लें कि यह आपके द्वारा ही जनरेट सोच है जिसके कारण आप अकेलापन फील करते हैं।

यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया, हॉरवर्ड बिजनेस स्कूल और हॉरवर्ड मेडिकल स्कूल की संयुक्त रिसर्च में सामने आया है। रिसर्चर्स ने बताया कि यूनिवर्सिटी और कालेजों में ऐसी सोच रखने वाले बहुत लोग होते हैं जो सोचते हैं कि हमारे सहपाठियों के ज्यादा दोस्त हैं जिसके कारण वे किसी को अपना दोस्त बनाने में झिझकते हैं।

इन्ही सारी सोच के कारण लोग नये लोगों से घुल मिल नहीं पाते और दोस्त नहीं बना पाते। ज्यादातर समय यह सोचते रहने के कारण ही ऐसे लोग अक्सर कर अकेले हो जाते हैं।  ऐसी सोच उनमें इसीलिये पनपती है क्योंकि वेअपने सहपाठियों को कभी भी कहीं अकेला नहीं देखते हैं।

जैसे कि लाइब्रेरी में या फिर कैनटीन में जब लोग अपने सहपाठियों को अकेला नहीं देखते हैं तो वे अचानक कंपैरीजन स्टार्ट कर देते हैं कि उनके कोई दोस्त नहीं है। यह सब सिर्फ आपके द्वारा बनाई गई सोच है और कुछ नहीं। इसके साथ ही रिसर्चर्स अब बाहर काम करने वालों की सोच का अध्ययन करने में जुटे हैं कि कहीं वो भी तो ऐसा नहीं सोचते हैं।


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