NEWS: दो ज्येष्ठ माह होने से 2018 में होंगे 13 महीने, 2018 की शुरूआत और साल का अंत सोमवार से, पढें मुकेश पार्टनर की खबर

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NEWS: दो ज्येष्ठ माह होने से 2018 में होंगे 13 महीने, 2018 की शुरूआत और साल का अंत सोमवार से, पढें मुकेश पार्टनर की खबर

नीमच :-

हिंदूपंचांग के अनुसार वर्ष 2018 में दो ज्येष्ठ माह होंगे। खास बात यह रहेगी कि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से साल के 365 दिन और 12 माह के बीच ही तिथियों की घटाने-बढ़ने से दो ज्येष्ठ और इसके 13 माह समाहित रहेंगे। वर्ष 2018 में ज्येष्ठ तो 30 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन अधिकमास की अवधि 16 मई से 13 जून तक रहेगी। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। प्राय: हर तीसरे वर्ष में अधिकमास होता है। इस अवधि में शुभ कार्य नहीं होंगे, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान कथा आदि के आयोजन किए जा सकेंगे। 

2015 में भी दो आषाढ़ अधिकमास थे 
पंडित बालाराम शर्मा ने बताया वर्ष 2015 में दो आषाढ़ का अधिकमास था। अब वर्ष 2018 के बाद 2020 में अधिकमास होगा। खास बात यह है कि दो ज्येष्ठ वाला अधिकमास 10 साल बाद रहा है। इसके पूर्व वर्ष 2007 में ज्येष्ठ में अधिकमास का योग बना था। दूसरी ओर अंग्रेजी कैलेंडर से आगामी नया वर्ष एक जनवरी सोमवार को शुरू होगा और इसके आखिरी दिन 31 दिसंबर को भी सोमवार ही रहेगा। 

ज्योतिषाचार्य डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचांग के हिसाब से हर तीसरे वर्ष में अधिकमास होता है। वर्ष 2018 में 16 मई से 13 जून तक की अवधि अधिकमास की रहेगी। वैसे ज्येष्ठ माह इसके पूर्व 30 अप्रैल से प्रारंभ होकर 27 जून तक रहेगा, लेकिन कृष्ण और शुक्ल पक्ष के दिनों के मान से अधिकमास मई जून के मध्य भाग में रहेगा। सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को संक्रांति होना कहते हैं। सौर मास 12 और राशियां भी 12 होती हैं। जब दो पक्षों में संक्रांति नहीं होती, तब अधिकमास होता है। अधिकमास शुक्ल पक्ष से प्रारंभ होकर कृष्ण पक्ष में समाप्त होता है। 

चंद्रमास 354 दिन, सौरमास 365 दिन का 
ज्योतिषाचार्यडॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि ज्योतिष में चंद्रमास 354 दिन सौरमास 365 दिन का होता है। हर साल 11 दिन का अंतर आता है, जो 3 साल में एक माह से ज्यादा होता है। 

अधिकमासहोने से इस बार देवशयनी एकादशी 9 जुलाई को : 
अधिकमासमें लोग सप्त सागर, चौरासी महादेव आदि धार्मिक स्थलों की यात्रा दान-पुण्य करते हैं। 24 मई को गंगा दशहरा पर्व भी मनाया जाएगा। देवशयनी एकादशी 9 जुलाई को आएगी। वर्ष 2018 की शुरूआत 1 जनवरी सोमवार से होगी। इसके पूर्व वर्ष 2007 2001 का शुभारंभ भी सोमवार के दिन ही हुआ था। यह भी संयोग ही है कि आगामी नए वर्ष का आखिरी दिन 31 दिसंबर को भी सोमवार रहेगा, जबकि पूर्व के उक्त दोनों सालों का आखिरी दिन भी सोमवार ही था। पंडितों का कहना है कि सोमवार भगवान शंकर के आधिपत्य वाला होता है। शिव कल्याणकारी है। इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि यह नया वर्ष शुभ फलदायी रहेगा। 


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