BIG NEWS: मिशन 2018, कांग्रेस गुजरात की तरह मप्र में भी हार्दिक, जिग्नेश, अल्‍पेश का सहारा लेगी..भाजपा ने साधा निशाना, पढें खबर

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BIG NEWS: मिशन 2018, कांग्रेस गुजरात की तरह मप्र में भी हार्दिक, जिग्नेश, अल्‍पेश का सहारा लेगी..भाजपा ने साधा निशाना, पढें खबर

नीमच :-

विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस सीएम उम्मीदवार के रूप में चेहरा प्रोजेक्ट करने की बात को एक बार फिर कांग्रेस प्रदेश अध्य़क्ष ने यह कहकर विराम लगा दिया है कि किसी एक चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा जाएगा बल्कि पूरे नेता मिलकर चुनाव लडेंगें। दरअसल, आज पीसीसी चीफ दिल्ली दौरे से लौटे और उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि किसी एक चेहरे पर चुनाव नहीं लड़ा जाएगा, सभी नेता एक साथ मिलकर चुनाव लडे़ेंगें।

उन्होंने गुजरात चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात में जिग्नेश हो या हार्दिक जो भी सहयोगी रहे। उनका सहयोग आने वाले मप्र चुनाव में भी लिया जाएगा।चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस अपना चेहरा तय करेगी।कांग्रेस पार्टी की पहली प्राथमिकता विधानसभा चुनाव जीतना।

इसके साथ ही कोलारस और मुंगालवी में जीत का दावा कर रहे प्रभात झा के बयान पर यादव ने पलटवार किया है।यादव ने कहा है कि मुंगावली और कोलारस में कांग्रेस की मजबूती देख भाजपा नेता बौरा गए हैं।बीजेपी नेता चुनाव जीतने के लिए बिलो द बेल्ट तक जा रहे है।

बता दे कि सांसद प्रभात झा ने दावा किया है कि मुंगावली और कोलारस में भाजपा की सरकार बनेगी। जैसे जैसे उत्तर प्रदेश और गुजरात में कांग्रेस आगे रही, लेकिन जीती भाजपा, वैसे ही मुंगावली और कोलारस में भी कांग्रेस भले ही आगे रहे लेकिन जीत भाजपा की ही होगी। जिस पर यादव ने निशाना साधा है।

भाजपा का पलटवार

वहीं अरुण यादव के बयान पर भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने पलटवार किया है। रजनीश ने कहा है कि पीसीसी अध्यक्ष अरुण यादव ने अंततः स्वीकार लिया कि वे प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के भरोसे चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि गुजरात और कोरेगांव में जातीय दंगा भड़काने वालों को आउटसोर्स करेंगे। उन्होने कहा कि कांग्रेस यह जान मान चुकी है कि उनके नेता राजा, महाराजा और उद्योगपति अब असरहीन हो चुके हैं। कांग्रेस की जातिवादी और समाज को बांटने वाले अराजक मंशा को मध्यप्रदेश सरकार और समाज कभी कामयाब नहीं होने देगें।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो चली है। दोनों ही पार्टियां चुनावों को लेकर पूरी ताकत झोंके हुए है। भाजपा ने तो पहले ही साफ कर दिया है कि वह सीएम शिवराज के नेतृत्व में ही अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी, लेकिन कांग्रेस ने अभी तक खुलासा नहीं किया है कि किसके नेतृत्व में अगला चुनाव लड़ा जाएगा।हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में भी बिना चेहरे के चुनाव लड़ा गया था, जिसका परिणाम यह हुआ की कांग्रेस का सुपड़ा प्रदेश के अधिकतर जिलों से साफ हो गया था। इस बार फिर कांग्रेस पहले से चेहरा प्रोजेक्ट नहीं कर रही है, और बिना चेहरे के ही चुनाव लड़ने की बात कर रही है।ऐसे में एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या कांग्रेस बिना चेहरे के इस बात चुनाव जीत पाएगी।


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