NEWS: प्रसूति वार्ड में दर्द से तड़पती रही दिव्यांग प्रसूता, परिजनों से नर्स बोली सोने दो, मुझे डिस्टर्ब मत करो,पढ़े खबर

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NEWS: प्रसूति वार्ड में दर्द से तड़पती रही दिव्यांग प्रसूता, परिजनों से नर्स बोली सोने दो, मुझे डिस्टर्ब मत करो,पढ़े खबर

छोटीसादडी़ :-

भले ही सरकार गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में दक्ष नर्स से डिलेवरी कराने के लिए लाखों रुपये खर्च कर नजदीकी सरकारी चिकित्सलयो में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने का दावा कर रही है। लेकिन हकीकत कुछ और ही है। परिजन जब दर्द से कराहती ओर तड़पती प्रसूता को प्रसव के लिए चिकित्सालय ले जाया जाता है तो चिकित्सालय में उनकी सुनने वाला तक कोई नही है। यदि परिजन नर्सिंग स्टाफ या चिकित्सक को इलाज करने या प्रसूता को देखने को कहा तो परिजनों से नर्स बोली मुझे डिस्टर्ब मत करो, तुमने क्या सभी डिलेवरीयो का ठेका ले रखा क्या ज्यादा दबाव बनाया या परेशान किया तो रेफर कर दूगी  चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ के इन जुमलों को सुनने के बाद डर के मारे प्रसूता के परिजन किसी को कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं और चिकित्सालय में जैसा इलाज मिलता हैं वैसा इलाज कराने पर मजबूर हो जाते हैं। कई बार तो इन नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण जच्चा व बच्चा की मौत भी तक हो जाती है। लेकिन परवाह करने वाला कोई नहीं है। भले ही मंत्री व अधिकारियों ने चिकित्सालय का कई बार निरीक्षण किया हो और व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया हो लेकिन ऐसे डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को इनका कोई फर्क ही नहीं पड़ता है। खैर कारण कोई भी हो लेकिन नर्सिंग स्टाफ ओर चिकित्सालय के चिकित्सकों की हठधर्मिता व मनमानी मरीजों व उनके परिजनों पर भारी पड़ रही है। ऐसा ही उदाहरण प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी उपखण्ड मुख्यालय पर स्थित जयचन्द मोहिल सामुदायिक चिकित्सालय में प्रसूति वार्ड में रविवार सुबह 3 बजे देखने को मिला।यहां एक दिव्यांग प्रसूता माया 20 पति नाथूलाल ससुराल साकरिया को उसकी सास लहरीबाई व परिजन दर्द से कहराते व तड़पता लेकर जब चिकित्सालय के प्रसूति वार्ड में लेकर आए और अपनी तड़पती बहु के इलाज के लिए वहा ड्यूटी पर मौजूद पूर्णिमा टेलर नाम की नर्स को उठाने गए तो उसने उठने व इलाज करने से ही मना कर दिया। दिव्यांग के परिजनों की नर्सिंग स्टाफ ने नहीं सुनी तो वार्ड में मौजूद अन्य प्रसूताओं के साथ महिलाएं जब दर्द से तड़पती दिव्यांग महिला के इलाज लिए नर्स को उठाने गई, तो नर्स ने उनको भी यह तक कह डाला कि तूने क्या सभी प्रसूताओं का ठेका ले रखा है क्या? तु भी सो जा और मुझे भी चैन  से सोने दे,,ज्यादा किया तो रेफर कर दुंगी...! परिजन वो महिलाएं जब तक नर्स को बुला कर आते तब तक दर्द से कराहती दिव्यांग प्रसूता का आधा प्रसव बेड पर ही हो गया। उसके बाद दिव्यांग प्रसूता के परिजन व अन्य महिलाएं उसको कंधे पर उठाकर लेबर रूम में ले गई। वहां पर भी काफी देर बाद दूसरे स्टाफ ने दिव्यांग का प्रसव कराया। लेकिन प्रसव होने के बाद भी नर्स ने वहां कदम तक नहीं रखा और चैन से अपने कमरे में सोती रही। रविवार सुबह दिव्यांग महिला के परिजनों ने डरते हुए मीडिया व जनप्रतिनिधियों को बताई। परिजनों व अन्य महिलाओं ने बताया कि यहां जो भी महिला प्रसव कराने के लिए आती है। उनको नर्सिंग स्टाफ पर डॉक्टरों की मनमानी का सामना करना पड़ता है। महिलाओं ने यह भी बताया कि प्रसूति वार्ड में बिना पैसे तो प्रसव भी नहीं होता है। इसका महिलाएं विरोध करती है तो नर्सिंग स्टाफ व डॉक्टर उन्हें अन्य रेफर करने का डर दिखाते हैं तथा कई बार तो प्रसव करने के लिए उठते भी नहीं है।अधिकांश परिजन तो उनकी लाडली बहु या बेटी के साथ चिकित्सक व नर्सिंग स्टाफ कुछ कर न दे। इस डर से मीडिया कर्मियों व लोगो को अपना दुःख बताने से भी कतराते नजर आते है और बस अपनी नियति मान कर इसे सहते रहते है।वहीं लोगों ने बताया कि नर्स पूर्णिमा टेलर की कई बार शिकायतें हो चुकी है। लेकिन अभी तक अधिकारियों ने उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।अधिकारियों का अगर इसी प्रकार का रवैया रहा तो चिकित्सालय में बड़ी घटना या विरोध प्रदर्शन भी हो सकता है। रविवार दोपहर मैं पार्षद सुमित शर्मा, धोरू साहू सहित अन्य लोग वहां पहुंचे तथा नर्स व दिव्यांग प्रसूता के परिजनों के बीच विवाद को समझाइश कर शांत कराया


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