NEWS: असमंजस और अनिश्चितताओं से भरा है राज्य सरकार का चुनावी बजट- आंजना

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NEWS: असमंजस और अनिश्चितताओं से भरा है राज्य सरकार का चुनावी बजट- आंजना

निंबाहेड़ा :-

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष उदयलाल आंजना ने राजस्थान सरकार के वार्षिक बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चुनावी वर्ष के बजट को वास्तविक धरातल से परे मात्र चुनावी घोषणाओं का पिटारा बताया।

राजस्थान सरकार के वार्षिक बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष उदयलाल आंजना ने कहा कि राज्य सरकार ने वार्षिक बजट को इस वर्ष के अन्त में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तैयार करके मात्र घोषणाओं का अंबार लगाने की कोशिश की है जिसका धरातल और वास्तविकता से कोई लेना देना ही नहीं है। 

आंजना ने कहा कि राज्य में हाल ही में हुए दो लोकसभा और एक विधानसभा चुनाव में हुई भाजपा. की करारी हार का असर राज्य सरकार के बजट में साफ-साफ दिखाई दे रहा है,सरकार ने किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी के स्थान पर मात्र 50 हजार तक के अल्पकालिक ऋण माफ करने की घोषणा करके किसानोे के साथ सीधे-सीधे छलावा करते हुए किसान हितैषी बनने का ढोंग किया है।

चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार व्दारा घोषणाओं का अम्बार लगाने पर आंजना ने कहा कि इस बजट में अधिकांश घोषणाएं ऐसी हैं जिन्हें आठ माह के समय में किसी भी स्थिति में पूरा नहीं किया जा सकता फिर चाहे वह गांवों में पांच हजार किलोमीटर सड़कों का
नवीनीकरण और मरम्मत के लिये 800 करोड़ की घोषणा हो या 77 हजार पदों पर भर्तीयों का वादा हो, आखिरकार यह सब कब और केसे होगा ? जबकि पिछले साल राज्य सरकार व्दारा की गई 60 हजार भर्तियों की घोषणा भी अभी तक लंबित हैं, वास्तविकता को पूरी तरह से ताक मेें रखते हुए सरकार ने आमजन, किसानों,विद्यार्थियों और, बेराजगारों को भ्रमित करके उनके साथ छलावा करने का काम किया है। राज्य सरकार के वार्षिक बजट में चित्तौड़गढ़ जिले को पूरी तरह से नकारने पर प्रतिक्रिया देते हुए आंजना ने कहा कि जिले से पांच-पांच विधायक, सांसद एवं मंत्री के होते हुए भी जिले को विकास योजना की कोई सौगात नहीं दिया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

आंजना ने कहा कि आमजन को भ्रमित करने के बजाये राज्य सरकार को  इस वर्ष के लिये पेश किये गये करीब 280 अरब के राजकोषीय और 174 अरब के राजस्व घाटे वाले बजट से मात्र आठ माह के समय में किस प्रकार से घोषणाएं मूर्त रुप लेंगी इस सवाल का जवाब जनता के सामने रखना चाहिये। 

आंजना ने कहा कि क्या चार वर्ष पहले शपथ लेते समय सरकार को पता नहीं था कि नवम्बर-दिसम्बर 2018 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं जो पिछले चार सालों से सरकार विकास और जनहित की योजनाओं की तरफ से आंखे मूंदे बैठी रही और अब 15-15 लाख खातों में आएंगें की तर्ज पर फिर से चुनावी स्टन्ट करने में जुट गई है?    

आंजना ने कहा कि  ”जब राज्य सरकार की मुखिया ने स्वयं ही स्वीकार किया कि बजट में की गई घोषणाओं के पूरा होने की कोई गारन्टी नहीं है तो फिर अब कुछ ओर कहने की कोई आवश्यकता ही नहीं रह गई है।”


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