WOW: जानियें क्‍यो मनाया जाता है प्रेम दिवस, बता रहें है चंपालाल गुर्जर, जानिए कौन थे संत वेलेंटाइन और वेलेंटाइन डे मनाए जाने के पीछे की पूरी कहानी

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WOW: जानियें क्‍यो मनाया जाता है प्रेम दिवस, बता रहें है चंपालाल गुर्जर, जानिए कौन थे संत वेलेंटाइन और वेलेंटाइन डे मनाए जाने के पीछे की पूरी कहानी

डेस्‍क :-

14 फरवरी को दुनिया भर में वेलेंटाइन डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन प्यार करने वाले जोड़े एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं और गिफ्ट देते हैं। इसलिए युवाओं में वेलेंटाइन डे को लेकर एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। वेलेंटाइन डे को ध्यान में रखते हुए दुनिया भर के बाजार तमाम तरह के गिफ्ट्स से पट जाते हैं। प्रेमी जोड़े इस दिन अपने पार्टनर को प्यारा सा गिफ्ट देकर इसे यादगार बनाना चाहते हैं। इसे देखते हुए समाज का एक तबका वेलेंटाइन डे को मजह बाजार द्वारा खड़ा किया गया डे बताते हैं। इन सबके बीच क्या आप जानते हैं कि वेलेंटाइन डे क्यों और किसकी याद में मनाया जाता है। अगर नहीं, तो हम आपको बता रहे हैं पूरी कहानी।

भारत उत्‍थान अभियान के जिला अध्‍यक्ष चंपालाल गुर्जर बताते है कि किसी भी देश की उन्नति में उसकी संस्कृति और सभ्यता और मूल्य परंपराओं और सहेजे गए धरोहरों का बहुत ही महत्व होता है परंतु विडंबना है कि हमारी भारतीय राष्ट्रीय प्राचीन संस्कृति आज मात्र पर्व पर सांस्कृतिक फूहड़ता और पाश्चात्य संस्कृति का समावेश कर विशेष कार्यक्रमों को प्रदर्शित होने तक सीमित रह गई है 

14 फरवरी को वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है इस को जाने बिना भारतीय संस्कृति में आज के युवा पाश्चात्य संस्कृति में डूबकर केवल अपने मानसिक शारीरिक सुख के कारण कपल्स की अनिवार्यता को समझकर प्रदर्शित करने लगे हैं परंतु वास्तविकता में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है जिसे लोग प्यार का त्योहार मानकर सेलिब्रेट करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं 14 फरवरी को इसका नाम क्यों पड़ा

"आरिया ऑफ जेकोबस डी वारियन" नाम की पुस्तक में वैलेंटाइन का जिक्र है वैलेंटाइन डे रोम के एक पादरी संत वैलेंटाइन के नाम पर मनाया जाता है क्योंकि संत वैलेंटाइन दुनिया में प्यार को बढ़ावा देने में महत्व रखते थे लेकिन रूस के एक राजा का उनकी यह बात पसंद नहीं थी और वह प्रेम विवाह के खिलाफ थे वह प्रेम विवाह और शादी के बंधन को गलत मानते थे सम्राट क्लाउडियस को लगता था कि रोम के लोग अपनी पत्नी और परिवार और समाज रिश्तेदारों के के साथ मजबूत लगाओ और प्यार की वजह से सेना में भर्ती नहीं हो रहे हैं इस समस्या के हल करने के लिए रूम के राजा क्लाउडियस ने रोम में शादियों पाबंदी लगा दी परंतु पादरी वैलेंटाइन डे सम्राट के आदेश का विरोध करते हुए कई अधिकारी और सैनिकों की शादियां करा दी और उनके परिवार बसाए जिससे रोम के सम्राट ने नाराज होकर उन्हें 14 फरवरी को फांसी पर चढ़ा दिया गया इस दिन से सारी दुनिया प्यार के दिन के तौर पर मनाने लगी पूरी दुनिया में यह पर्व अपनी अपनी संस्कृति और रिवाजों के अनुसार मनाया जाता है इसीलिए हम भारतीयों को भी चाहिए कि वैलेंटाइन डे को मनाना ही है तो अपने परिवार दोस्तों रिश्तेदारों को प्यार का एहसास करा कर अपने पुराने मनमुटाव भूल कर एक यादगार दिन के रूप में मनाना चाहिए ना कि केवल एक कपल्स के साथ मौज-मस्ती या गिफ्ट का आदान-प्रदान कर मनाना चाहिए जिस दिन से हम हम  अपनी पत्नी बच्चों माता पिता और परिवार और मानव मात्र को प्यार देंगे तो यही सच्चा वैलेंटाइन डे होगा 
चंपालाल गुर्जर, जिला अध्यक्ष, भारत उत्थान अभियान


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