BIG NEWS: नाबालिग से देह व्यापार कराने वाली 03 महिलाओं का दुसरी बार जमानत आवेदन खारीज

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BIG NEWS: नाबालिग से देह व्यापार कराने वाली 03 महिलाओं का दुसरी बार जमानत आवेदन खारीज

नीमच :-

मनासा। माननीय विशेष प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्रीमती प्रिया शर्मा, नीमच द्वारा नाबालिग लडकीयों का लोगो से रूपये लेकर अनैतिक देह व्यापार कराये जाने के आरोप में जेल में निरूद्ध तीन महिलाओं का दूसरी बार भी जमानत आवेदन खारिज किया गया हैं।

विशेष लोक अभियोजक एवं जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चैधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि दिनांक 17.07.2017 को नगर पुलिस अधीक्षक नीमच अभिषेक दीवान को सुत्रों से जानकारी मिली थी, की हरर्कियाखाल पर मारूती ढाबे के पास बांछडा डेरो पर कुछ वयस्क महिलायें नाबालिग लडकीयों से रूपये लेकर अनैतिक देह व्यापार करवा रहीं हैं। सूचना प्राप्त होते ही नगर पुलिस अधीक्षक द्वारा हमराह स्टाॅफ के साथ बताये गये स्थान पर रेड डाली गई, तब वहां पर नाबालिग लडकीयों से आरोपीया टिंकल पिता रमेश उम्र 19 वर्ष, निवासी-नावली, थाना गाॅधीनगर, भानपुरा, जिला-मन्दसौर, साक्षी पिता स्व. महेश गौड, निवासी-बर्डिया थाना मनासा एवं दुर्गा पिता भंवरलाल, निवासी-जैतपुरा, थाना नीमच सीटी को मौके पर नाबालिग लडकीयों से देह व्यापार कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, उनके पास से खाली एवं भरे हुए कंडोम पाएं गये।

आरोपीयों की और से विशेष न्यायालय में दुसरी बार जमानत आवेदन पेश किया गया और मांग की गई की आरोपीगण का अपराध से कोई संबंध नहीं हैं और गिरफ्तारी दिनांक 18.07.2017 करीब 07 माह से जेल में निरूद्ध हैं। इस प्रकरण के एक अन्य आरोपी गोविन्द की माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर द्वारा जमानत मंजुर हो चुकी हैं, इस आधार पर हमे भी जमानत दी जानी चाहिए। 

आरोपी की और से रखे गये तर्क का जवाब देते हुए विशेष लोक अभियोजक/जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चैधरी द्वारा बताया गया कि गिरफ्तारशुदा आरोपीगणों द्वारा नाबालिग लडकीयों से देह व्यापार कराया जा रहा था, अपराध गंभीर होने के साथ अनैतिक देह व्यापार से समाज में फैल रही अनैतिकताओं के आधार पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए। विशेष न्यायाधीश एवं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमति प्रिया शर्मा द्वारा अभियोजन की और से तर्को को मानते हुए उक्त तीनों महिला आरोपीगणों टिंकल, दुर्गा एवं साक्षी की जमानत खारीज करते हुए अपने आदेश में लिखा की पूर्व में भी इस न्यायालय द्वारा दिनांक 29.12.2017 को जमानत निरस्त की गई है। प्रकरण की परिस्थिति में कोई परीवर्तन नहीं हुआ हैं। जहाॅ तक आरोपी गोविन्द को माननीय उच्च न्यायालय इन्दौर द्वारा जमानत मिलने का सवाल हैं, वह मौके पर उपभोक्ता के रूप में उपस्थित था। जबकि उपरोक्त महिला आरोपीया नाबालिग लडकीयों से रूपयों के लालच में पुरूषों से अनैतिक शारिरीक संबंध स्थापित करवाकर अवैध लाभ अर्जित कर रहीं थी और इस प्रकार के अपराध से नाबालिग लडकीयों का मानसिक एवं शारिरीक शोषण हो रहा था। अपराध की प्रकृति एंव परिस्थितियों को देखते हुए आरोपीगण टिंकल, दुर्गा एवं साक्षी का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। शासन की और से न्यायालय में डीपीओ श्री आर.आर.चैधरी ने पक्ष रखा।


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