VIDEO: दादा बालकवि बैरागी का निधन, शोक में डुबा मनासा, छाया सन्‍नाटा, वॉईस ऑफ एमपी की टीम मौके पर, पढें खबर

नीमच :-

ख्यातनाम साहित्यकार और पूर्व सांसद एवं राज्य के पूर्व कबीना मंत्री बालकवि बैरागी ने रविवार को अपने पैतृक गाँव मनासा के कवी नगर में अंतिमसांस ली वे ८७ वर्ष के थे नंदराम दास बैरागी जो समूचे भारत में बालकवि बैरागी के नाम से प्रसिद्ध हुए उनके निधन का समाचार ज्योही लगा समूचे प्रदेश में शोक की लहार छा गयी उनका अंतिम संस्कार सोमवार को दोपहर दो बजे मनासा में होगा उनके शोक स्वरूप मनासा सोमवार को बंद रहेगा 
उनके निधन को लेकर मनासा नगर की सभी गलियों में सन्‍नाटा छा गया मानों ऐसा लगा की मनासा में कफ्यू लग गया हो सभी ने अपनी अपनी इच्‍छा से दुकान बंद रखी 

श्री बालकवि बैरागी की कविताएं एवं रचनाएं देश के सभी हिन्दी अखबारों में प्रकाषित होती रही है उन्होनें दूरदर्षन, आकाषवाणी एवं अन्य टी.वी. चेनलोें में अपनी प्रस्तुति दी है, श्री बैरागी ने फिल्मी जगत में भी अपनी अनौखी पहचान बनाई है उन्होंने छोटी बड़ी करीबन 26 फिल्मी के लिए गीत लिखे जिनमें से रेषमा और शेरा के गीत बहुत लोकप्रिय है उन्होेंने देष के सभी बड़े कवि सम्मेलन में आमन्त्रित किया जा रहा है । बालकवि बैरागी कवि, साहित्यकार के साथ-साथ बहुत बड़े देषभक्त भी है उन्होंने सन् 1945 से ही कांग्रेस को अपनाया बालकवि प्रधानमन्त्री श्रीमती इंदिरा गांधी और पं. द्वारिका प्रसाद मिश्र ने वर्ष 1967 में श्री बैरागी को मनासा विधानसभा सीट से कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया और दस वर्ष से मनासा के विधायक रहे जनसंघ के स्व.सुंदरलाल पटवा को हरा कर मनासा के विधायक बने । और पं. श्री द्वारिका प्रसाद मिश्र के संसदीय सचिव बनने पर बैरागी को जी.ए.डी. सामान्य प्रषासन विभाग से जोड़ा गया और सन् 1969 से 1972 तक पं. श्री श्यामाचरण शुल्क के मंत्री मंडल में सूचना प्रकाषन, भाषा, पर्यटन और जी.ए.डी. के राज्यमंत्री रहे । 1980 में मनासा से फिर चुनाव लड़ा और विधायक बने तथा तत्कालीन अर्जुनसिंह के मंत्रीमण्डल में खाद्यमन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) राज्यमंत्री रहे एवं 1984 तक लोकसभा में रहे ।

बालकवि बैरागी सन् 1995 से 1996 तक अखिल भारतीय कांग्रेस के संयुक्त सचिव रहे । सन् 1998 में सोनिया गांधी ने मध्यप्रदेष से राज्यभा में उन्हें बैठाया जो सन् 2004 की 29 जून को राज्यसभा से निवृत हुए । श्रीमती सोनिया गांधी ने श्री बैरागी को 2004 में राजस्थान प्रदेष के आंतरिक संगठनात्मक चुनावों को चुनाव प्राधिकरण अध्यक्ष बनाया । श्री बालकवि बैरागी म.प्र. कांग्रेस चुनाव समिति के अध्यक्ष भी रहे, 2008-11 तक म.प्र. कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे ।
 
श्री बालकवि बैरागी ने देष को कई नारे दिये जिसमें से प्रमुख नारा था हम दो हमारे दो । श्री बालकवि बैरागी ने अमेरिका, इंग्लैड, मारीशस, श्रीलंका, नेपाल, कम्बोडिया, हांगकांग, नीदरलैड, सूरीनाम, म्यांमार, जर्मनी इत्यादि विदेष की यात्राएं भी की है । श्री बैरागी मानव संसाधन विकास मंत्रालय- सूचना प्रसारण मंत्रालय एवं साचर मंत्रालय की स्थायी समितियों के सदस्य भी रहे । अभी केन्द्रीय हिन्दी समिति के सदस्य है, पोत परिवहन मंत्रालय एवं कार्मिक मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति के सदस्य रहे, दलहन विकास परिषद के अध्यक्ष भी रह चुके है । 


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright VOICEOFMP 2017. Design and Developed By Pioneer Technoplayers Pvt Ltd.