NEWS: चुनाव से पहले बीजेपी को सताने लगा 'डर', तैयार किया नया फॉर्मूला, पढें खबर

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NEWS: चुनाव से पहले बीजेपी को सताने लगा 'डर', तैयार किया नया फॉर्मूला, पढें खबर

नीमच :-

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के एक साथ होने से अब बीजेपी को सत्ता जाने का डर सताने लगा है. बीजेपी अभी तक हर बूथ पर एक पन्ना प्रमुख के फॉर्मूले पर काम कर रही थी लेकिन अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जीत के लिए एक पन्ना प्रमुख की जगह पर आधा पन्ना प्रमुख के नए फॉर्मूले पर दांव लगाया है. इस नए फॉर्मूले के चलते बूथ स्तर पर बीजेपी का एक एजेंट करीब 15 परिवारों के बीच पकड़ मजबूत करेगा

मध्यप्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई है. ऐसे में बीजेपी ने पन्ना प्रमुख वाली अपनी रणनीति बदल दी है. पुरानी रणनीति के तहत पार्टी ने हर बूथ पर एक पन्ना प्रमुख नियुक्त किया था. एक पन्ना प्रमुख के ऊपर वोटर लिस्ट में दर्ज 30 से 35 परिवार की जिम्मेदारी होती थी, लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और दूसरे दिग्गज नेताओं की सक्रियता के मद्देनजर अब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पन्ना प्रमुख की रणनीति में बड़ा फेरबदल किया है. अमित शाह ने कर्नाटक चुनाव की तर्ज पर अब मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी एक पन्ने पर एक पन्ना प्रमुख की जगह पर आधा पन्ना प्रमुख नियुक्त करना शुरू कर दिया है. शाह के नए फॉर्मूले के तहत अब हर बूथ पर एक पन्ने पर दो प्रमुख काम करेंगे. ऐसे में वोटर लिस्ट में दर्ज करीब 15 से 20 परिवार के बीच एक आधा पन्ना प्रमुख तैनात होगा.

-प्रदेश में 65 हजार बूथ
-26 लाख 'आधा' पन्ना प्रमुख


-वोटर लिस्ट के हर पन्ने पर 2 आधा पन्ना प्रमुख को जिम्मेदारी
-वोटर लिस्ट के एक पन्ने पर होते 30-35 परिवार
-आधा पन्ना प्रमुख पर होती 20-25 परिवार की जिम्मेदारी
-हर बूथ पर होंगे करीब 40 आधा पन्ना प्रमुख
-एक-एक परिवार को बूथ तक ले जाने की जिम्मेदारी होगी

ये आधा पन्ना प्रमुख हर एक वोटर को बीजेपी में मतदान करने के साथ सरकार की उलब्धियों को उन तक पहुंचाने का काम करेंगे. कर्नाटक चुनाव के दौरान बीजेपी ने एक पन्ना प्रमुख की जगह पर आधा पन्ना प्रमुख की नियुक्ति एन वक्त पर की थी. वहां अच्छे परिणाम आने की वजह से एमपी में भी अब आधा पन्ना प्रमुख के फॉर्मूले पर काम किया जा रहा है.

आधा पन्ना प्रमुख की कमान सीधे बीजेपी प्रदेश कमेटी के पास होगी. कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महामंत्री सहित दूसरे पदाधिकारी जिला कमेटी, मंडल कमेटी और बूथ कमेटी के जरिए आधा पन्ना प्रमुख की मॉनीटरिंग कर रहे हैं. बूथ कमेटी सबसे निचले स्तर की कमेटी है. ये कमेटी वोटर लिस्ट में एक पन्ने पर दो प्रमुख बनाती है. एक पन्ने के दो पन्ना प्रमुख की जिम्मेदारी वोटर लिस्ट के एक पन्ने में दर्ज वोटरों को बूथ तक ले जाने की होती है.

कर्नाटक में भले ही बीजेपी बड़ी पार्टी बनकर सामने आई हो लेकिन मध्यप्रदेश की सियासी हवा को भांप चुके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. अमित शाह मिशन 2018 को पूरा करने के लिए खुद हर एक बूथ स्तर पर आधा पन्ना प्रमुख की मॉनीटरिंग प्रदेश की बाकी कमेटियों के जरिए करेंगे.


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