WOW: बोरदिया हुआ भक्‍तीमय, शाही आन बान के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, आस्था के साथ शुरू हुआ तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा व कलश स्थापना अनुष्ठान, पढें खबर

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WOW: बोरदिया हुआ भक्‍तीमय, शाही आन बान के साथ निकली भव्य कलश यात्रा, आस्था के साथ शुरू हुआ तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा व कलश स्थापना अनुष्ठान, पढें खबर

नीमच :-

जावद। केशरिया साडी पहनकर सिर पर आस्था के कलश लिए महिलाए घोडे पर सवार घुडसवार धर्म ध्वजा लेकर चलते सिर पर स्वर्ण कलश धारण किए वही संपुर्ण कलश यात्रा मे तोप से पुष्प वर्षा होती रही। तो वही बैंड बाजो पर बजते भजनो पर युवक युवतीयां थिरकते दिखे । युवाजन भगवा रंग के टी शर्ट पहनकर बालाजी का जय घोष कर रहे थे।  चारो ओर धर्म ध्वजा लहरा रही थी।  तो बग्गी मे विराजित ठाकूर जी आकर्षण का केन्द्र बने हुए थे। यह नजारा ग्राम बोरदिया मे तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन के पहले दिन निकली ऐतिहासिक व यादगाार कलश यात्रा के दौरान देखने को नजर आया। 

जावद मुख्यालय से 45 कि.मी. दुर गांव बोरदिया मे बालाजी व भगवान देवनारायण मंदिर पर स्वर्ण कलश स्थापना व शीतलामाता जी व वीर बालाजी की मुर्ति प्राण प्रतिष्ठा के तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान गुरूवार को भव्य कलश यात्रा से प्रारंभ हुआ। गंाव मानपुरा मे विधी विधान के साथ मंत्रोचार के साथ स्वर्णकलश व ठाकुर जी की पुजा अर्चना कर कलश यात्रा प्रारंभ हुई। कलश यात्रा का कारवां करीब दो किलोमीटर लंबा था। बोरदिया सहित पुरा क्षेत्र धर्ममय हो गया। सुबह 9 बजे से प्रारंभ हुई कलश यात्रा का पग पग पर ग्रामीणो ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया । वही बालाजी व ठाकुर जी की पुजा अर्चना कर आर्शीवाद लिया। मानपुरा से कलश यात्रा गांव बोरदिया पहुची। जहां पर लोगो ने स्वागत किया। गंाव भ्रमण के बाद यात्रा बालाजी मंदिर पहुची। कलश यात्रा मे बडी तादात मे महिला पुरूष युवाजन व बच्चो ने भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कलश यात्रा के दौरान महिलाएं आस्था के कलश लेकर मंगल गीत गा रही थी। तो युवाजन भगवान बालाजी का जयघोष करते हुए चल रहे थे। मुख्य यजमान पुर्व जनपद अध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार के पिता श्री श्यामलाल पाटीदार स्वर्ण कलश धारण किए हुए थे। गांव मे निकली ऐतिहासिक कलश यात्रा को लेकर ग्रामीणो मे भारी उत्साह व आस्था देखने को मिली। कलश यात्रा के दौरान 501 महिलाओ ने कलश धारण किए हुए थी। गांव की गलियां बालाजी व भगवान देवनारायण ,शीतलामाता व वीर बालाजी के जयकारो से गुंज उठा। बुर्जुग हाथो मे धर्म पताका लेकर चल रहे थे। कलश यात्रा बालाजी मंदिर पहुची । जहां पर महाआरती के बाद महाप्रसादी का वितरण हुआ। गुरूवार की रात को भजन संध्या का आयेाजन हुआ।  

16 को होगी कलश व मुर्ति स्थापना - कलश यात्रा के साथ प्रारंभ हुए तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन के तहतः 15 को पांच कुंडीय यज्ञ होगा।  वही शाम को भगवान देवनारायण की कथा पंडित बद्रीलाल गायरी के मुखारबिंद से होगी। 

हेलीकाप्टर से होगी पुष्पवर्षा - धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन 16 जुन को मुर्ति स्थापना व कलश स्थापना के अवसर पर हेलीकाप्टर से पुरे गांव मे पुष्पवर्षा होगी। हेलीकाप्टर की अनुमति मिल चुकी है। लोक निर्माण विभाग द्वारा हेलीपेड बनाने का काम किया जा रहा है। 

कलश यात्रा मे ये रहा विशेष- कलश यात्रा मे विशेष रूप से जो आकर्षण का केन्द्र रहा उसमे 5 घोडे , 3 ऊंट ,501 कलश 2 डीजे साउंड ,बग्गी मे सवार बालाजी , खुली जीप मे महंत श्री भास्करानंदगिरी जी व दुसरी जीप मे ठाकुर जी व यज्ञाचार्य ज्योर्तिविद पंडित कैलाशनाथ गोपीनाथ दाधिच विराजमान थे। तो तोप से फुलो की बौछार हो रही थी। 5 ढोल व बैंडबाजे मुख्य केन्द्र थे। 

पाटीदार बने मुख्य यजमान 
कलश यात्रा से शुरू हुए तीन दिवसीय कार्यक्रम केे तहतः 16 को बालाजी मंदिर पर मुख्य शिखर पर कलश स्थापना के लिए पुर्व जनपद अध्यक्ष सत्यनारायण पाटीदार ने 5 लाख 1 हजार की बोली लगाकर मुख्य यजमान बनने का पुण्य कमाया। वे समापन कार्यक्रम मे मंदिर के शिखर पर कलश स्थापना करेगे। 


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