BIG SHOT : पढ़िए, कौनसा समाज मालवा में है भाजपा और कांग्रेस के लिए बड़ी 'कमजोरी', किसका 'खौफ' दिलवाएगा इस समाज के नेताओ को टिकिट, बता रहे है वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन

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BIG SHOT : पढ़िए, कौनसा समाज मालवा में है भाजपा और कांग्रेस के लिए बड़ी 'कमजोरी', किसका 'खौफ' दिलवाएगा इस समाज के नेताओ को टिकिट, बता रहे है वरिष्ठ पत्रकार मुस्तफा हुसैन

नीमच :-

एमपी में चुनावी उठापटक दौर जारी है टिकिटों को लेकर भाजपा और कांग्रेस में जमकर माथापच्ची चल रही है यदि मालवा की बात करे तो दोनों ही राजनैतिक दलों में एक बात कॉमन है वो है 'किसान आंदोलन' का खौफ जो मंदसौर में हुआ था जिसमे 6 किसान मारे गए थे जिसमे 5 पाटीदार थे इस 'खौफ' के चलते अब इन दलों को यह चिंता सता रही है की वे उस आक्रोश को कैसे थामे और किसानो के वोटो को कौन उम्मीदवार उनकी झोली में डाल पायेगा इस फेक्टर के चलते दोनों ही दल पाटीदार समाज से उम्मीदवार देना चाहते है 

मालवा की 48 सीटों पर आज की तारीख में भाजपा और कांग्रेस की बात करे तो दो पाटीदार विधायक है और दोनों भाजपा से है जिसमे एक विधायक मुरलीधर पाटीदार सुसनेर और दूसरे शाजापुर से अरुण भीमावद जबकि मालवा में पाटीदार वोटरों की गिनती करीब चालीस लाख मानी जाती है और प्रदेश में करीब सत्तर लाख पाटीदार समाज के लोग है और अकेले नीमच-मंदसौर संसदीय क्षेत्र में पाटीदारो की नफरी करीब ढाई लाख है इसलिए इन पार्टियों का सोच है की जहाँ किसान आंदोलन हुआ और जहाँ पाटीदार वोटर सबसे अधिक है वही से पाटीदार को टिकिट देकर पाटीदार वोटर्स को अपनी झोली में डाला जाए 

पाटीदार अब एक बड़ी राजनैतिक ताकत बन चुके है एक खास बात और यह कि मंदसौर में हुए गोलीकांड में 5 पाटीदारों की मौत और उसके बाद पुलिस ने इस आंदोलन के बाद जिस तरह पाटीदार समाज के लोगों के खिलाफ मुकदमे बनाए उससे समाज में काफी गुस्सा था। उस समय कुल 300 लोगों के खिलाफ मामले बने थे, जिनमें पाटीदार समाज के लोगों की संख्‍या 70 प्रतिशत के लगभग थी।इसके घटना के बाद ही बाद पाटीदार नेता हार्दिक पटेल पहली बार मालवा में आए और उन्होंने मंदसौर के पिपलिया और शाजापुर में दो बड़ी रैलियां की थीं। रैलियों में उन्होंने साफ तौर पर पाटीदारों को जाग जाने का आह्वान किया था।

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा में इस बार कांग्रेस और बीजेपी से 40 पाटीदार विधायक जीतकर आए हैं जबकि मध्य प्रदेश की 220 विधानसभा सीटों में 65 सीटें ऐसी हैं, जिन पर पाटीदार समाज के वोट ताकत में हैं। पाटीदार समाज के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पाटीदार जोकि स्वयं मंदसौर सीट से कांग्रेस में टिकिट की दावेदारी कर रहे है उनका कहना है राज्य में पाटीदारों का राजनीतिक दबदबा हमेशा से ही रहा जिस वजह से भाजपा राज्य की सत्ता पर काबिज होती रही लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट से लेकर पार्टी में ऊंचा ओहदा ना मिलना पाटीदार समाज को हमेशा खटकता रहा है 

इस मामले को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान क्रांति सेना हार्दिक पटेल ने कहा की आगामी विधानसभा मध्य प्रदेश चुनाव में मैं लगातार भाजपा के खिलाफ मालवा एवं निमाड़ की 66 सीटों पर जाकर जनता को जागृत कर करूंगा किसान एवं बेरोजगारी के मुद्दों पर जनता के बीच जाऊंगा जन विरोधी सरकार को उखाड़ने में  किसान क्रांति  सेना के बैनर तले उपवास व रोड शो किए जाएंगे ।

कुलमिलाकर सीन यह है की मूल में भाजपा के वोट बैंक रहे पाटीदार समाज को किसान आंदोलन के आसरे हार्दिक और उसकी टीम उससे छीनना चाहती है ताकि उसे कांग्रेस की झोली में डाला जा सके ऐसे में कांग्रेस की मजबूरी यह है की उन वोटो को हासिल करने के लिए पाटीदार उम्मीदवार दे और भाजपा की मुश्किल यह है की इन वोटो को कांग्रेस की झोली में जाने से रोकने के लिए वह पाटीदार उम्मीदवार मैदान में उतारे तब कही जाकर मालवा में उसकी नैया पार लगेगी


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