NEWS ROUND: पढियें जिले की हर एक छोटी खबर सिर्फ 5 मिनट में

Image not avalible

NEWS ROUND: पढियें जिले की हर एक छोटी खबर सिर्फ 5 मिनट में

नीमच :-

भोग की प्रवृति छोड़ तप त्याग की प्रवृति अपनाएं - साध्वी गुणरंजना श्रीजी
नीमच 12 अक्टुबर 18 (केबीसी न्यूज)। जैन धर्म संसार का विषिश्ट धर्म है जो तप, त्याग करने वाले को विषिश्ट मानता है । उनके तप, त्याग की अनुमोदना करता है जो भी व्यक्ति तपस्या करता है या कोई भी पदार्थ धन सम्पति त्यागता है वह अनुमोदना प्रषंसा के योग्य है सच्ची सुख भोगविलास में नहीं त्याग में है संसार की इच्छाएं अनंत है इच्छाओं को नियंत्रित करना और इच्छाओं का त्याग करने वाला ही सच्चा त्यागी है इसलिए जीवन में भोग की प्रवृति छोड़कर तप, त्याग की प्रवृति लाना चािहए क्योंकि त्याग में ही सच्चा सुख है यह बात साध्वी गुणरंजना श्रीजी मसा. ने कही वे विकास नगर स्थित महावीर जिनालय में नियमित चार्तुमास धर्मसभा में बोल रही थी उन्होने कहा कि हमें 24 कैरेट सोने की तरह षुद्ध होना है जैसे बाल हद्रय होता है यदि मानव धोखा देने की एक बुराई से बच गया तो वह अन्य बुराईयों से भी बच जाता है सच्चा सुख भोजन, मंदिर के मनन में नही वह तो अन्र्त आत्मा में निहित है । सुख आत्मा के अंदर है जब तक बाहर के दरवाजे बंद नहीं होगें तब तक अंदर की आत्मा का सुख नहीं मिल सकता है । पैसे से भौतिक संसाधन गाडी बंगला खरीद सकते है रूपये से दान देकर अपना नाम कर सकते है रूपये से दया, करूणा धर्म नहीं मिलता है धर्म से अंदर से ही उत्पन्न होगा । रूपये से सोना, चांदी खरीद सकते है सुख चैन नहीं ।

आत्म कल्याण का मार्ग है तप - साध्वी उपेन्द्र यषा श्रीजी 
नीमच 12 अक्टुबर 18 (केबीसी न्यूज)। तपस्या का गुणगान करना जितना सहज व सरल है । तप का मार्ग अंगीकार करना उतना ही कठिन है । तप करना कायरो का काम नहीं षूरवीरो का काम है । तप वही कर सकता है जिसका मनोबल दृढ है । यह मार्ग फुलों का नहीं कांटो से भरा हुआ है मगर इस पथ पर गुजर जाने के पष्चात हर कांटा फुल बनकर मुस्करा उठता है । यह बात साध्वी उपेन्द्रयषा श्रीजी मसा. ने कही वे पुस्तक बाजार स्थित आराधना भवन में षुक्रवार सुबह आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे उन्होने कहा कि आत्म कल्याण का मार्ग है तप के साथ जब मौन जाप स्वाध्याय व ध्यान का सूत्र और जुड़ जाता है तब तपस्वी के अंदर आत्म षुद्धि विषेश प्राप्त हो जाती है । साध्वी श्रीजी ने स्वार्थ साधने की कला तो जीव को बिना सिखाये भी आ जाती है किन्तु परमार्थ करने की कला सिखानी पड़ती है इस कला को हस्तगत किये बिना संसार में कही षांति भी नहीं मिल सकती है । 

अखिल भारतीय वैश्णव विकास परिशद की राश्ट्रीय बैठक आज मुम्बई में -
नीमच 12 अक्टुबर 18 (केबीसी न्यूज)। अखिल भारतीय वैश्णव विकास परिशद की राश्ट्रीय कार्यकारी की बैठक मुम्बई में आज षनिवार 13 अक्टुबर को सुबह 12 बजे आयोजित होगी । बैठक में अखिल भारतीय वैश्णव विकास परिशद के राश्ट्रीय अध्यक्ष जंयती भाई बी वैश्णव, ट्रस्ट के राश्ट्रीय अध्यक्ष रामचन्द्र वैश्णव सहित राश्ट्रीय पदाधिकारियों का मार्ग दर्षन मिलेगा अखिल भारतीय वैश्णव विकास परिशद के राश्ट्रीय उपाध्यक्ष भरत भाई वैश्णव बैरागी भी भाग लेने षुक्रवार को उदयपुर ब्रांदा रेल से मुम्बई के लिए प्रस्थान कर गए । श्री भरत भाई ने बताया कि वे बैठक में प्रदेष के मंदिर के पुजारियों एवं समाज की विभिन्न विकास सम्बधी कार्य योजना पर विस्तार से जानकारी देगें ।

आयुर्वेद चिकित्सा परामर्ष षिविर आज  -
नीमच 12 अक्टुबर 18 (केबीसी न्यूज)। बाबूलाल नागदा मित्र मण्डल एवं नागदा परिवार कानाखेड़ा वाले द्वारा स्व. माॅंगीलाल एवं श्रीमती नानीबाई नागदा कानाखेड़ा की पावन स्मृति में निःषुल्क आयर्वेद चिकित्सा परामर्ष षिविर आज 13 अक्टुबर षनिवार सुबह 10 से सांय 5 बजे तक इन्दिरा नगर स्थित बेरिस्टर उमाषंकर त्रिवेदी मांगलिक भवन इन्दिरा नगर में आयोजित किया जायेगा । बाबूलाल नागदा ने बताया कि षिविर में चिकित्सक डाॅ आनन्द राहुल द्वारा हड्डियों के खोखलेपन की बी.एम.डी. मषीन द्वारा जाॅंच निषुल्क की जायेगी । उक्त षिविर में कब्ज, एसिडीटी, जोड़ो का दर्द, चर्मरोग, सफेद दाग, मोटापा आदि जटिल रोगों का आयुर्वेदिक औशधी से घरेलु उपचार एवं योग प्रणायाम द्वारा इलाज का परामर्ष प्रदान किया जायेगा । षिविर में पंजीयन के लिये इन्दिरा नगर उशा डेयरी, बालाजी फ्लोर मिल, विजय टाकिज के सामने मनमोहन गजक पर अधिक जानकारी के लिये सम्पर्क कर सकते है ।


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright VOICEOFMP 2017. Design and Developed By Pioneer Technoplayers Pvt Ltd.