खबरे NEWS: शहर में निःशुल्‍क स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण शिविर का आयोजन, हुई 250 मरीजों की जांच, पढें खबर WOW: शतरंज क्‍लब के तत्‍वाधान में 2 दिवसीय जिला स्‍तरीय अभिभाषक शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन, पढें खबर NEWS: क्रोध मुक्त और शांतिपूर्ण जीवन के लिए प्रभु के प्रति आस्थावान होना जरुरी, पढें खबर NEWS: भारतीय शिक्षण मंडल की मनाई जाएगी 50वीं वर्षगांठ, पढें खबर NEWS: 11 साल से फरार स्थाई वारंटी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, पढें कैलाश शर्मा की खबर BIG NEWS: करोड़ों के अस्पताल पर भारी पड़ रही एम्बुलेंस में मुफ्त डिलीवरी, 108 एम्बुलेंस स्टाफ ने 6 माह में कराई 30 सामान्य डिलीवरी, पढें खबर NEWS: जीवनोपयोगी सामग्री गरीबों को करें दान, पढें खबर WOW: सुरश्री प्रतियोगिता में 5 गायक पहुंचे क्वाटर फाइनल में, पढें खबर BIG REPORT: सोमवार सुबह मंडी में किसानों का मेला, दोपहर में हुआ व्‍यपारी पर जानलेवा हमला, शाम को किया व्‍यापारियों ने किया मंडी बंद का ऐलान, मंगलवार को छाया सन्‍नाटा, अब मंडी में दौड रही हवाएं, पढें अभिषेक शर्मा और महेंद्र अहीर की खबर NEWS: नगर में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन, गोमाबाई की टीम ने की नेत्रों की जांच, पढें महेंद्र भटनागर की खबर WOW: Top 10 Value Destinations for 2020: मध्यप्रदेश दुनिया का तीसरा सबसे किफायती डेस्टिनेशन, पढें खबर TOP NEWS: भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहा पाकिस्तान, LoC की तरफ भेजे कई टैंक, कमांडो किए तैनात, सूत्र, पढें खबर DIWALI SPECIAL: महालक्ष्मी का अद्भूत स्वर्णाभूषण से श्रृंगार, दूर-दूर से भक्‍तों को खिंच लाया इस शहर में, पढें खबर BIG NEWS: विधानसभा की स्थानीय निकाय एवं पंचायत राज लेखा समिति ने शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में किया दौरा, पढें खबर OMG ! जिला अस्‍पताल में चल रहा था नवजात का उपचार, डॉक्‍टरों ने दी छुट्टी, परिजनों के घर पहुंचनें से पहले नवजात ने रास्‍तें में तौडा दम, परिजनों ने किया हंगामा, उठाया ये बडा कदम, पढें खबर NEWS: महालक्ष्मी के भक्तों की आस्था, मंदिर पर बंटे कुबेर पोटली, पढें खबर

RELASHANSHIP: महिलाओं ने पुरुषों को छोड़ा पीछे, ऐसे कर रही हैं प्यार का इजहार

Image not avalible

RELASHANSHIP: महिलाओं ने पुरुषों को छोड़ा पीछे, ऐसे कर रही हैं प्यार का इजहार

डेस्‍क :-

बदलते दौर में प्यार करने की परिभाषाएं बदल रही हैं और प्यार के इजहार की वह परंपरा भी टूट रही है, जिसमें प्यार में इजहार करने का झंडा सिर्फ पुरुष थामे रखता है. महिलाओं में ऑनलाइन प्यार तलाशने का चलन बढ़ा है, मुखर हो रहीं महिलाएं आगे बढ़कर पुरुषों से प्यार का इजहार करने से भी नहीं हिचकिचा रही हैं.

कुछ बरस पहले तक ऑनलाइन डेटिंग करने वालों को हिकारत भरी नजरों से देखा जाता था, लेकिन अब यह एक ट्रेंड बन गया है. एक अनुमान के मुताबिक, अब हर पांच में से एक रिलेशनशिप ऑनलाइन शुरू हो रहा है, यह वजह है कि ऑनलाइन डेटिंग एप्स की बाढ़ आ गई है. अमेरिका और यूरोप में स्टैब्लिश कई बड़ी डेटिंग कंपनियां भारत में कारोबार खड़ा कर रही हैं. इसी में से एक है, 'बम्बल' जिसमें हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने भी निवेश किया है.

'बम्बल' डेटिंग एप को महिला प्रधान एप कहा जा रहा है, जिसकी अपनी वजहें हैं. इसका जवाब देते हुए इसकी को-फाउंडर व्हाइटनी वोल्फ कहती हैं, "ऑनलाइन डेटिंग को लेकर खासतौर पर महिलाओं में हमेशा से थोड़ा-सा संशय रहता है. इसलिए भारत में महिला सशक्तीकरण के मोटो के साथ एप को लॉन्च किया गया है."

दुनियाभर में 'बम्बल' का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 4.5 करोड़ से अधिक है.

डेटिंग एप अब किस तरह महिला प्रधान हो रहे हैं? इसका जवाब देते हुए नारीवादी गीता यथार्थ कहती हैं, "बम्बल ने डेटिंग एप के क्षेत्र में क्रांति ला दी है. इस डेटिंग एप में महिलाओं की सुरक्षा और कंफर्ट को ध्यान में रखकर कई बेहतरीन फीचर्स तैयार किए गए हैं. मसलन, इस एप पर महिलाएं ही सबसे पहले पहल कर सकती हैं. अगर किसी लड़के को किसी लड़की की प्रोफाइल पसंद भी आ गई तो वह उसे मैसेज नहीं कर पाएगा. फोटो डाउनलोड नहीं कर पाएगा, किसी तरह की ऑनलाइन स्टॉकिंग तो भूल ही जाइए."

वह कहती हैं, "बम्बल की तरह अब कई और महिला प्रधान डेटिंग एप शुरू हो सकते हैं, क्योंकि अब भारतीय महिलाएं संकोच के आवरण से बाहर निकलकर हर चीजों में हाथ आजमा रही हैं."

'टिडर', 'जुस्क', 'बम्बल', 'हैपन', 'मैच', 'वन्स', 'हिज', 'हगल', 'द लीग', 'चैपी', 'प्लेंटी ऑफ फिश', 'लेस्ली', जैसी दर्जनभर से अधिक डेटिंग वेबसाइट्स हैं, जहां बड़ी तादाद में महिलाएं प्यार की तलाश में हैं.

ऑनलाइन डेटिंग का यह फैशन पश्चिमी देशों से होता हुआ भारत पहुंचा है. सबसे पहला डेटिंग एप 1995 में शुरू हुआ, जिसका नाम 'मैच डॉट कॉम' था. इसके बाद 2000 में 'ईहार्मनी' और 2002 में 'एश्ले मैडिसन' शुरू हुआ, जिन्होंने ऑनलाइन डेटिंग का शुरुआती क्रेज शुरू किया. साल 2012 में 'टिंडर' लॉन्च हुआ, जो पहला डेटिंग एप था, जिसमें स्वाइप की सुविधा थी.

मार्च, 2014 तक टिंडर पर दुनियाभर में रोजाना की दर से एक अरब जोड़ों के मैच हो रहे थे. साल 2014 में ही टिंडर की को-फाउंडर व्हाइटनी वोल्फ ने बम्बल शुरू किया, जो महिला प्रधान डेटिंग एप है. 1990 के दशक में ऑनलाइन डेटिंग एक स्टिग्मा था लेकिन अब एक-तिहाई शादियां ऑनलाइन ही हो रही हैं.

'बम्बल' ने अपनी वेबसाइट पर टैगलाइन लिखी है, "बंबल पर महिलाएं पहले कदम बढ़ाती हैं. हम आपके लिए मैदान तैयार कर रहे हैं और डेटिंग के तरीके बदल रहे हैं. हमारा मानना है कि रिश्तों की शुरुआत सम्मान और समानता के साथ होनी चाहिए."

ये भी पढ़ें: इन बातों को ध्यान में रखकर ही खाएं मूली, ज़रा सी लापरवाही ले सकती है आपकी जान

'वू डेटिंग' एप द्वारा हाल ही में कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक, इस तरह की ऑनलाइन डेटिंग एप पर महिलाओं और पुरुषों के बीच लैंगिक भेदभाव बहुत ज्यादा है. 'क्वाट्र्ज इंडिया' के मुताबिक, 20,000 शहरी लोगों पर किए गए सर्वे से पता चलता है कि भारत में डेटिंग एप पर महिलाओं की तुलना में पुरुष तीन गुना अधिक है.

हालांकि, इस लैंगिक विभाजन से सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पुरुषों के लिए भी समस्याएं खड़ी हो गई हैं. पुरुषों की समस्या है कि उनके पास ऑनलाइन ऑप्शन बहुत नहीं है, जबकि महिलाओं की समस्या यह है कि उनके पास इतने ऑप्शन हैं कि वे खुद को घिरी हुई पाती हैं.

इस बारे में गीता कहती हैं, "अगले 10 सालों में महिला, पुरुषों में यह अंतर कम होने जा रहा है, क्योंकि इस दौरान दोगुनी रफ्तार से महिलाएं ऑनलाइन डेटिंग एप का रुख करेंगी, जो इस खाई को बहुत हद तक मिटा देगा."


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright BABJI NEWS NETWORK 2017. Design and Developed By PIONEER TECHNOPLAYERS Pvt Ltd.