खबरे NEWS: पूर्व मंत्री, जननेता घनश्याम पाटीदार की प्रतिमा का भव्य समारोह में अनावरण, दिग्‍गी राजा बोले कांग्रेस ने सदैव सर्वजन की भलाई के लिए कार्य किए, जावद की बहुप्रतिक्षित बाणदा और सांडा बांध की मांग पूरी, पढें खबर WOW: बेजुंबा पशुओ का सराहनीय रेस्क्यु, चंबल नदी के ढोला टापु पर तडप रही गायो को रेस्क्यु कर सुरक्षित बाहर निकाला, पढें खबर VIDEO: राजस्‍थान सरकार के मंत्री उदयलाल आंजना के बेबाक बोल, राजा साहब का हाथ नही होता तो आज में यहा नही होता, सत्‍तू, राजू और उमराव के लिये बोल गये बडी बात, देखे श्‍याम गुर्जर के साथ दीपक खताबिया की खास खबर VIDEO: बाढ पिडितो की मदद के लिये रामपुरा पहुंची न्‍यायाधीशें की एक टीम, बाढ पिडितो का डॉक्‍टरो से करवाया ईलाज, देखे अजय सिसौदिया के साथ इशाक खान की खबर BIG BREAKING : 'हनी ट्रैप' मामले में नया खुलासा, टारगेट पर थे कमलनाथ सरकार के 28 विधायक, भाजपा के कुछ विधायक आ सकते है लपेटे में VIDEO: पुर्व मंत्री स्‍वं पाटीदार की मूर्ति का दिग्‍गी राजा ने किया अनावरण, भाजपा पर साधा निशाना, बोले अब याद आई इन्‍हे किसानों की, देखे श्‍याम गुर्जर के साथ दीपक खताबिया की विडियों न्‍यूज MANDI: पोस्ता 5000, लहसुन 500, तुलसी बीज 500, चना डालर 100 रूपए तेज के साथ एक क्लिक में पढें महेन्द्र अहीर के साथ नीमच मंडी भाव, जाने किस धान में आया उछाल BIG NEWS: नीमच में फिर छाई काली घटा, गरजे बादल, जमकर हुई बारिश, पढें महेन्‍द्र अहीर की खबर VIDEO: मंदसौर में कांग्रेस पर गरजे शिवराज बोले, कांग्रेस का काम है गाली देना, मै तो जनता का मामा हूं, देखे विडियों न्‍यूज BIG NEWS: किसान संघ ओर करणी सेना के कार्यकर्ता आए आगे,ण्कक सप्ता्ह से टापु पर फंसी गायो को सुरक्षित निकाला,पढे खबर EXCLUSIVE VIDEO : #गांधीसागर बाढ त्रासदी पर क्‍यो ना हो #CBI जांच, मछली के लिये बेघर कर दिये गये हजारो लोग, वरिष्‍ठ पत्रकार मुस्‍तफा हुसैन का बडा खुलासा, देखे विडियों NEWS: नगर परिषद सरवानिया ने भेजी बाढ़ पीड़ितों के लिए नगद राशि के साथ राहत सामग्री, पढ़े खबर दिनेश वीरवाल की खबर BIG NEWS: एनजीओ के वेतन को रोकने कि मांग को लेकर पार्षदो ने सीएमओ को पत्र सौंपा,पढे शब्बीर बोहरा कि खबर

BIG REPORT: कौन हैं PM इमरान को झटका देकर फिर से PAK आर्मी चीफ बनने वाले जनरल बाजवा, पढें खबर

Image not avalible

BIG REPORT: कौन हैं PM इमरान को झटका देकर फिर से PAK आर्मी चीफ बनने वाले जनरल बाजवा, पढें खबर

डेस्‍क :-

जम्मू कश्मीर (Jammu & Kashmir) के पुनर्गठन को लेकर भारत सरकार ने जब फैसला किया, तब पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा ने भारत के खिलाफ (Anti India) तेवर​ दिखाए थे. उन्होंने कहा था 'कश्मीर की हकीकत को न तो 1947 में एक गैरकानूनी दस्तावेज़ से बदला जा सका था और न ही अब या भविष्य में बदला जा सकता है'. साफ तौर पर भारत के फैसले को मानने से इनकार करने वाले बाजवा को लेकर ये भी कहा गया कि नवाज़ शरीफ सरकार (Nawaz Sharif Government) के समय सेनाध्यक्ष बने बाजवा को इमरान कंटिन्यू नहीं करना चाहते थे. तो जानें कि पाकिस्तान की क्या मजबूरी है और कश्मीर के संदर्भ में बाजवा के इस कार्यकाल के क्या मायने हैं. ये भी जानें कि जनरल बाजवा का इतिहास क्या रहा है

बाजवा का कार्यकाल बढ़ने की पहली वजह-

बाजवा का कार्यकाल तीन और सालों के लिए बढ़ाए जाने के पीछे आखिर क्या कारण रहे, वो भी तब, जबकि कथित तौर पर इमरान खान खुद बाजवा (Imran Khan & Bajwa) के पक्ष में नहीं थे. कहा जाता है कि बाजवा और इमरान के बीच बारादरी बनाम पंजाबी वाली कौमी जंग चली आती है. पाकिस्तान के पीएमओ (Pak PMO) से जारी हुए पत्र में कहा गया है कि बाजवा का कार्यकाल क्षेत्रीय सुरक्षा के ताज़ा हालात (Border Security) को मद्देनज़र रखते हुए लिया गया है. इसका मतलब अस्ल में ये है कि बाजवा अपने कार्यकाल में लाइन आफ कंट्रोल (LOC), कश्मीर और उत्तर पाकिस्तान से जुड़े अभियानों और मामलों के विशेषज्ञ रहे हैं

क्या दूसरा कारण ट्रंप हैं-

इसी महीने के पहले हफ्ते में एक प्रमुख समाचार वेबसाइट ने लिखा था कि बाजवा ने इमरान से अलग अमेरिका की यात्रा की और बाजवा को अमेरिका ने इमरान खान से ज़्यादा तवज्जो दी. व्हाइट हाउस में बाजवा ने ट्रंप के साथ अमेरिकी मंत्री माइक पोम्पियो सहित कुछ और आला राजनयिकों के साथ भी मुलाकात की थी. कहा गया था कि अफगानिस्तान मामले को लेकर बाजवा अमेरिका का भरोसा जीतने में कामयाब रहे थे. इस यात्रा से लौटने के बाद उनका कार्यकाल बढ़ाए जाने की घोषणा हुई है और यह फैसला कुछ संकेत तो देता ही है

भारत के नज़रिए से क्या हैं मायने-

ऐसा कहा जाता है कि बाजवा के बयानों के आधार पर छवि ये रही है कि वे भारत के कट्टर विरोधी नहीं रहे हैं. उन्होंने एक बार कहा था कि भारत से बड़ा खतरा पाकिस्तान के लिए धार्मिक कट्टरता है. इसके बावजूद, सैन्य कूटनीतिक और सेनाध्यक्ष के तौर पर बाजवा भारत के पक्षधर कतई नहीं रहे हैं और कई बार एलओसी पर हुई सशस्त्र मुठभेड़ों के पीछे रणनीतिकार या सिपेहसालार के तौर पर रह चुके हैं. कहा जाता है कि एलओसी और कश्मीर को लेकर भारत की रणनीतियों की सबसे ज़्यादा समझ पाकिस्तान का कोई सैन्य अधिकारी रखता है, तो वो बाजवा ही हैं. ऐसे में, जब भारत ने कश्मीर पर बड़ा फैसला लिया है, तो बाजवा का कार्यकाल बढ़ाया जाना ज़ाहिर तौर पर पाकिस्तान की तरफ से तुरुप चाल के तौर पर देखा जा रहा है

क्या होगा बाजवा का निशाना-

ये तो स्पष्ट है कि भारत ने कश्मीर के पुनर्गठन के फैसले से पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया है लेकिन अब पाकिस्तान की तरफ से क्या कदम होगा, इसके कयास लगाए जा रहे हैं. बाजवा का कार्यकाल बढ़ाए जाने के बाद ये भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना की मिलीभगत से पुलवामा जैसा कोई आतंकवादी हमला दोहराया जा सकता है लेकिन जानकार मान रहे हैं कि यह कहना आसान है, होना मुश्किल. वजह ये है कि दोनों देशों और सीमा पर जिस तरह के राजनीतिक हालात और दुनिया की नज़र गड़ी है, उसमें पाकिस्तानी सेना दूर की सोचे बगैर ऐसा कोई कदम उठाने से कतराएगी, जिससे कूटनीतिक या रणनीतिक खामियाज़ा होने का खतरा हो

अब जानें बाजवा का इतिहास-

1960 में जन्मे बाजवा ने पाकिस्तान सेना में अपना करियर 1978 में शुरू किया था. मेजर, लेफ्टिनेंट कर्नल और ब्रिगेडियर जैसे पदों पर रहते हुए सेना की कई विंग्स में बाजवा ने बेहतरीन सेवाएं दीं. भारत सहित कई देशों के साथ सैन्य कूटनीतिक वार्ताओं में वह शामिल रहे. जब 2016 में नवाज़ शरीफ सरकार को सेनाध्यक्ष तय करना था, तब बाजवा की नियुक्ति पर सवाल था लेकिन दो सीनियरों के मुकाबले उन्हें तवज्जो देकर सेना का सर्वोच्च पद दिया गया

इस नियुक्ति के पीछे दो वजहें थीं. एक, बाजवा का लोकतांत्रिक मूल्यों का पक्षधर होना और दूसरी, कश्मीर और एलओसी मामलों में भारत की रणनीतियों का कुशल जानकार होना. हालांकि इसके फौरन बाद ही बाजवा उन आरोपों से घिरे, जिनके मुताबिक पाकिस्तान की नवाज़ शरीफ को गिराने और पाकिस्तान में सैन्य शासन लाने की कोशिशों के पीछे उनका हाथ था. लेकिन, ये आरोप उन पर साबित नहीं हुए

भारत पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर, यमन संकट, कतर के केएसए अवरोध, ईरान केएसए रंजिश, पाक और ईरान के बॉर्डर पर आतंकवाद मामले और अमेरिका के साथ अफगान तालिबान शांति प्रक्रिया जैसे कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बाजवा महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर चुके हैं और कहा जाता है कि पाकिस्तान की सेना की कूटनीति व राजनीतिक छवि को बेहतर बना चुके हैं


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright BABJI NEWS NETWORK 2017. Design and Developed By PIONEER TECHNOPLAYERS Pvt Ltd.