सिंगोली। कस्बा स्थित अफीम तौल केंद्र से सीपीएस पट्टाधारी किसानों को डोडा तुलाए बिना उस समय लौटना पड़ा जब तौल केंद्र पर मशीन के न आने से अधिकारियों ने डोडा लेने से मना कर दिया। तौल केंद्र से निराश होकर माल वापस लेकर लौटने पर किसानों को 5 से 7 हजार रुपयों का नुकसान हुआ है।
इस बाबत तौल केंद्र प्रभारी संतोष कुमार पाठक ने बताया कि मशीन शुक्रवार को ही सिंगोली पहुंचना थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण मशीन कंपनी से रवाना नहीं हो सकी। जबकि मशीन ऑपरेटर यहां पहुंच चुका है।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि मशीन रविवार देर रात तक सिंगोली पहुंचने की संभावना है। जल्दी ही डोडा तुलाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। तौल प्रभारी ने इस बात पर भी खेद जताया कि उन्होंने कंपनी द्वारा मशीन भेज देने की बात पर विश्वास कर किसानों को तौल केंद्र पर बुला लिया था। लेकिन अब वे मशीन आने के बाद ही किसानों को सिंगोली बुलाएंगे।
बता दें की रविवार को आलोरी, गड़वाडा, नीम का खेड़ा, चडोल और बोर्दिया गांवों के करीब 63 किसानों के डोडो की तुलाई का काम शुरू होना था, जिनमे से अधिकांश किसान प्लास्टिक के कट्टों से लदे ट्रेक्टर और अन्य वाहन लेकर सिंगोली पहुंच गए थे। लेकिन अफीम तौल केंद्र प्रभारी संतोष कुमार पाठक ने खेद जताते हुए उन्हें मशीन न होने से अफीम डोडा तुलाई का काम स्थगित करने की सूचना दी। इससे किसान काफी निराश हुए।
इस बाबत किसानों ने मीडिया को बताया कि यदि उन्हें पहले ही जानकारी दे दी जाती तो उन्हे माल लाने ले जाने में होने वाले परिवहन का नुकसान नहीं होता।
आलोरी गड़वाडा निवासी किसान राजेश सुथार ने बताया कि डोडा वापस ले जाने में उन्हें 5 से 7 हजार रुपयों का नुकसान होगा।