नीमच। जाको राखे साइयां मार सके ना कोई, यह कहावत एक बार फिर चरितार्थ हो गई। आज एक बछड़े की जान संयोग और उसके भाग्य से बच गई। दरअसल नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा अपने दल बल के साथ गोमाबाई रोड स्थित संजीवनी नाले पर निरीक्षण करने पहुंची थी। तभी वहां मौजूद लोगों की नजर जलकुंभी में हो रही हलचल पर पड़ी। तब समझ में आया कि अंदर ही अंदर गाय या कोई और जानवर फंसा हुआ है। तभी नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा के निर्देश पर तुरंत जेसीबी बुलाई गई। गौ सेवा समिति नीमच के गौ सेवकों को फोन किया। चंद मिनटों में यहां पहुंचे गौ सेवा समिति के मितेश अहीर ने अपनी जान की परवाह किए बगैर कमर में रस्सा डाल रेस्क्यू के लिए जलकुंभी भरे नाले में छलांग लगा दी और जहां हलचल हो रही थी वहां तक पहुंच के देखा तो नजर आया कि एक बछड़ा फंसा हुआ है।
उन्होंने अपने बलवान हाथों से बछड़े को खींचकर बाहर निकाल लिया। बछड़ा जीवित अवस्था में बाहर आ गया और उसे गो सेवा समिति के एंबुलेंस में उपचार हेतु ले जाया गया। नितेश अहीर के साथ जोजो ठाकुर, अरविंद लोड और विशाल ग्वाला भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान वहां की रहवासी महिला ने बताया कि करीब डेढ़ माह पहले इस जलकुंभी में फस कर एक गाय की जान चली गई थी और 2 दिन पूर्व भी दो गाय फस गई थी, जो बड़ी मुश्किल से बाहर आई।
इस घटना के बाद निरीक्षण पर आई नगरपालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने कहा कि संजीवनी नाले के यहां जो प्रीकास्ट उखड़ी हुई है, वहां एक गेट लगाया जाएगा। बारिश को देखते हुए मई के आखिर तक जलकुंभी की सफाई और नाले का गहरी करण काम कराया जाएगा। ताकि बारिश में निचली बस्तियों में पानी ना भरे। स्वाति चौपड़ा ने उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उनके साथ सभापति धर्मेश पुरोहित, श्याम टांकवाल, अब्दुल नईम, कन्हैयालाल, भारत सिंह भारद्वाज आदि मौजूद रहे।