देवास। गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण सेवाऐ प्रदान करने प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को सुरक्षित मातृत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी प्रदेश सहित जिले की समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं पर सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जा रहा है। शासन की मंशानुरूप स्वस्थ्य माता एवं स्वस्थ्य शिशु की परिकल्पना को पूर्ण कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एमपी शर्मा ने बताया की जिले की समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं तथा जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा समुदाय स्तर पर हैल्थ एण्ड वैलनेस सेन्टर/ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर गतिविधि आयोजित की जाएगी। समस्त उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा एच.डब्ल्यू.सी. में आने वाली समस्त गर्भवती महिलाओं की समस्त ए.एन.एम./सी.एच.ओ. द्वारा डिजीटल हीमोग्लोबिनोमीटर द्वारा हीमोग्लोबिन की जांच तथा गुणवत्तापूर्ण ए.एन.सी. तथा हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन एवं उपचार प्राथमिकता किया जावेगा। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को उचित उच्च स्वास्थ्य संस्था पर रेफर कर उनकी जांच मेडीकल ऑफीसर /स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा की जावेगी। चिन्हाकिंत हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का प्राथमिकता के आधार पर उपचार, मध्यम गंभीर एनीमिक महिलाओं को आयरन सुकोज गंभीर एनीमिक महिलाओं को ब्लॅड ट्रांसफ्युजन तथा आयरन एवं कैल्शियम की गोलियों का वितरण किया जाएगा।
सुरक्षित मातृत्व दिवस के दिन समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं पर तथा समुदाय स्तर पर हिमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, हेपेटाइटिस बी यूरिन एल्ब्यूमिन, शुगर, आदि सभी प्रकार की आवश्यक प्रयोगशालयीन जांचे कि जाएंगी। सभी गर्भवती महिलाओं की जांचों की प्रविष्टियां एम.सी.पी. कार्ड /अनमोल तथा आर.सी.एच पोर्टल एवं फेसिलिटि ए.एन.सी. रजिस्टर में कि जावेगी। समाज के जागरूक व्यक्तियों और परिवार के सदस्यों के सहयोग से शासन की मंशानुरूप स्वस्थ्य माता एवं स्वस्थ्य शिशु की परिकल्पना को पूर्ण कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती है। इसलिए समय समय पर शिविरो एवं स्वास्थ्य गतिविधियों मे गर्भवती महिलाएं अधिक से अधिक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है।