खरगोन। जिले के भगवानपुरा जनपद के ग्राम ढापला में गत दिनों नर्मदा झाबुआ बैंक कर्मचारियों ने समय पर केसीसी ऋण राशि जमा नही करने पर एक कृषक मां-बेटे की जमीन कुर्की की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बैंककर्मी बैंड-बाजों के साथ किसान के घर पहुंचे थे। जिसका सोमवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने विरोध दर्ज कराया। राज्यपाल के नाम सौंपे ज्ञापन में महासंघ ने किसान को ससम्मान जमीन वापस लौटाने के साथ ही अफसरों और बैंड-बाजे वालों पर भी कार्रवाई की मांग की।
महासंघ के रामेश्वर गुर्जर, सीताराम इंगला, गोपाल पाटीदार, सुमित पाटीदार, रमेश पाटीदार, शंकर जाट, रमेश पटेल, नारायण यादव, सुखदेव पाटीदार आदि ने बताया कि ग्राम ढापला निवासी भारत पिता सेकडिया और जमुना पति सेकडिया के द्वारा नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक शाखा बिस्टान से केसीसी ऋण लिया गया था, इस ऋण वसूली के लिए बैंककर्मी हनुमान जयंती के उत्सव के दौरान बैंड-बाजों के साथ पहुंचे और उनसे अपमानजनक व्यवहार करते हुए बलपुर्वक अंगूठे का निशान लगवाने के बाद जमीन कुर्की की कार्रवाई की। महासंघ पदाधिकारियों ने बताया कि पीडि़त मां-बेटे की 6 एकड़ भूमि पर 1 लाख 63 हजार रुपए का ऋण लिया था। 2022 में इस राशि में से डेढ लाख रुपए की राशि जमा भी करा दी गई है, इसके बावजूद इस तरह की कार्रवाई करना न्यायसंगत नही। महासंघ ने कृषि ऋण लेने के दौरान किसानों से चेक लिए जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए, उन्होंने कहा चेक बाउंस होने की दशा में बाम्बे हाईकोर्ट छत्तीसगढ़, जबलपुर कोर्ट जाना पड़ता है, इसमें बदलाव कर जिले पर ही इसका निराकरण किया जाए।