नीमच। जल संसाधन विभाग 52 करोड़ रुपए से सिंगोली रतनगढ़ के बीच बाणदा गांव के पास पहाड़ियों में बांध निर्माण करवा रहा है। इसका बाणदा व आसपास के आदिवासियों द्वारा पहले लगातार विरोध किया जा रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पहुंचकर काम बंद करवा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने ठेकेदार के सुपरवाइजर की गर्दन पर तलवार रख दी। जल संसाधन विभाग के एसडीओ वहां पहुंचे ताे उनकी गाड़ी के कांच फोड़ डाले।
अधिकारियों ने निर्माण कार्य बंद कर रतनगढ़ थाने पर शिकायत दर्ज करवाई है। जल संसाधन विभाग ने बाणदा गांव के पास बांध निर्माण दो माह पहले ठेकेदार के माध्यम से शुरू करवाया है। इस बांध के निर्माण से बाणदा व आसपास के गांव डूब में आ जाएंगे। इससे ग्रामीणों काे घर व जमीन छीन जाने का डर है। इस कारण गांव के लोग प्रारंभ से ही इसका विरोध कर रहे हैं। एक माह पूर्व सिंगोली में आदिवासी समाज ने महासभा आयोजित कर प्रशासन से बांध निर्माण बंद करने की मांग की थी।
आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी थी। आदिवासियों ने निर्माण बंद नहीं करने पर आरपार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी भी दी थी। बावजूद इसके बगैर सुरक्षा व्यवस्था के प्रशासन ने निर्माण जारी रखा। मामले में आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को निर्माण स्थल पहुंच विरोध किया। ग्रामीणों ने ठेकेदार के कर्मचारियों व अधिकारियों को निर्माण कार्य बंद करने की बात कही। निर्माण बंद नहीं करने पर कुछ लोगों ने ठेकेदार के सुपरवाइजर की गर्दन पर तलवार रख दी। उसे काम बंद करने काे कहा। इससे ठेकेदार के मजदूर डर गए और काम बंद कर भाग गए।
ठेकेदार की मशीनों को गांव के बाहर रखा। मौके पर जल संसाधन विभाग के एसडीओ जगदीश चौहान, रामगोपाल पाटीदार पहुंचे लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी के कांच फोड़ दिए। ग्रामीणों ने ठेकेदार की मशीनों को गांव के बाहर रख दिया। जल संसाधन के कार्यपालन यंत्री एचके मालवीय ने बताया मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने के साथ रतनगढ़ थाने पर शिकायत की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि बिना सुरक्षा व्यवस्था के काम करना मुश्किल है। ठेकेदार के सुपरवाइजर की गर्दन पर तलवार रख दी। ऐसे में वहां कर्मचारी कैसे काम कर सकते हैं।