मंदसौर। जिला कोर्ट परिसर में करीब 4 करोड़ की लागत से बनी पानी की टंकी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अभिभाषक संघ जिला अध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि इस टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ उस समय ताबड़तोड़ स्थिति में इस टंकी का निर्माण किया गया। इस दौरान ना तो मिट्टी का परीक्षण करवाया गया और जैसे ही टंकी बनकर तैयार हुई तो उसमें पानी भी भरवा दिया। उक्त पानी के बहनें से अभिभाषक संघ की दीवारों में दरारें आ गई है। आसपास जितनी भी बिल्डिंग बनी हुई है सभी की दीवारों में दरारें आ गई हैं। सभी वकीलों के शेड इस टंकी के आसपास बने हुए हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
एडवोकेट पंकज जोशी ने बताया कि इस टंकी का जब निर्माण हुआ था जनहित को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी। लगभग 3 से 4 करोड रुपए की लागत जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा इस टंकी निर्माण में लगा हुआ है और उद्देश्य था कि जनता को पानी की सुविधा उपलब्ध होगी, परंतु भारी भ्रष्टाचार के चलते हम देख रहे हैं कि लगभग 3 से 4 साल हो गए इस टंकी को बनाए हैं। सुविधा तो कहीं और रह गई बल्कि इस टंकी से जनहानि होने की आशंका हो रही हैं। इस टंकी के निर्माण में जो भ्रष्टाचार हुआ है निर्माणकर्ता ठेकेदार थे उस समय जो अधिकारी थे नगर पालिका के उनके उन पर कार्यवाही होना चाहिए।