नीमच जिले में कलेक्टर और एसपी दोनों नए आ चुके है और दोनों ने अपने अपने विभागों का जिम्मा संभाल लिया है आईएएस अफसर दिनेश जैन और आईपीएस अमित तोलानी ने कार्यभार संभालने के बाद से ही संकेत दे दिए है की उनका आने वाला कार्यकाल कैसा होगा और वे किस तरह से सिस्टम पर नकेल कसेंगे और कैसे आम लोगो से क़ानून का पालन करवायेंगे आइये इस को थोड़ा समझते है
आज जिला कलेक्टर दिनेश जैन जिला अस्पताल पहुंचे, वैसे हमेशा से ही ऐसा होता आया है जब कोई नए डीएम आते है तो शुरुआत में इसी तरह विभागों के निरिक्षण के लिए जाते है इसे यूँ तो एक रस्म अदायगी की तरह ही लिया जाता है लेकिन आज हुआ दौरा कई मायनो में महत्वपूर्ण है इसे रस्म अदायगी नहीं माना जा सकता और इस से यह भी सन्देश मिलता है की आने वाले दिनों में डीएम का लाईन ऑफ़ एक्शन क्या होगा
जिला अस्पताल पहुँच कर डीएम ने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया और कार्यप्रणाली को देखा, मरीजों से भी फीडबैक लिया लेकिन जो ख़ास हुआ वह यह की उन्होंने कहा की हम सब मिलकर जिला अस्पताल की हालत सुधारेंगे और ज़रूरत पड़ी तो मै खुद रात को उठ कर अस्पताल आऊंगा उन्होंने यह भी कहा की लोगो की समस्याओ को सुनने के साथ यह भी ज़रूरी है की जिला अस्पताल के स्टाफ की भी सुनी जाए की आखिर उनको क्या दिक्कत है वही उन्होंने आज ये आदेश भी दिए की जिला अस्पताल की देखरेख एक डिप्टी कलेक्टर के जिम्मे रहेगी
आईएएस जैन मृदुभाषी, सहज और सरल दीखते ज़रूर है, लेकिन दाइत्व के निर्वाहन में वे बेहद सख्त है, आज जिला अस्पताल पहुंचकर उन्होंने दोनों ही बात कमाल की कही एक तो डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति की और दुसरा में खुद रात में उठ कर आऊंगा इससे यह साफ़ संकेत मिलता है की वे काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे वैसे डीएम जैन ऐसे अफसर है की जब शाजापुर से उनका तबादला हुआ तो वहा आम लोगो में खासा विरोध खड़ा हो गया और एक सप्ताह तक सोश्यल मीडिया पर इस बात के लिए पुब्लिक ने गुस्सा जाहिर किया की कलेक्टर साहब का तबादला क्यों किया गया वैसे आमतौर पर किसी भी अफसर के तबादले के बाद लोग खुश होते है लेकिन ऐसा मामला कम ही देखने में आता है जब लोग तबादले पर दुखी हो इससे पता चलता है की उनका कार्यकाल शाजापुर में शानदार रहा
डीएम जैन की कार्यप्रणाली से जो लोग वाकिफ है वे जानते है की पहले वे सरलता से अपने मातहतों को अपनी मंशा से अवगत कराते है और उसके बाद ढिलाई मिलने पर उन्हें बख्शा नहीं जाता नीमच जिले में भी आने के बाद उन्होंने अभी सभी विभागों को नज़दीक से देखना समझना शुरू कर दिया है
इधर आईपीएस अमित तोलानी ने भी अपनी आमद कुछ ख़ास अंदाज़ में दी है वे जब नीमच आये तो यह माना जा रहा था की वे नए अफसर है और देखने समझने में वक्त लेंगे लेकिन उन्होंने आते ही एक्शन शुरू कर दिया वे पैदल नीमच की सड़को पर निकले और खुद आगे बढ़कर दुकानदारों से मिले और अपना परिचय दिया की में एसपी नीमच अमित तोलानी हूँ उनके मोर्चा संभालते ही एक्टिव हो जाने का नतीजा था की रामनवमी और हनुमान जन्मोत्सव जैसे त्योहारों पर नीमच में पत्ता भी नहीं हिला जो लोग फ़िज़ूल के अंदेशे जता रहे थे उनके यह सब देखकर होश उड़ गए
उसके बाद अपनी पहली क्राइम मीटिंग में आईपीएस तोलानी जिस तरह से गरजे उससे उनके इरादे साफ़ हो गए की वे अपराधियों को बख्शेंगे नहीं तस्करो के लिए भी उन्होंने साफतौर पर अपने इरादे जाहिर करते हुए यह बता दिया की उनको भागने के लिए जमीन कम पढ़ने वाली है
कुलमिलाकर दोनों ही शीर्ष अधिकारियों ने आने वाले समय को लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए है की वे अपराधियों और नकारा निकम्मे शासकीय अफसरों पर भी नकेल कसेंगे