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April 14, 2023, 3:38 pm
KHABAR : भ्रष्टाचार अफसरों पर सरकार का एक्शन, निलंबन के तीन माह बाद 75 प्रतिशत वेतन के नियम को खत्म करने की तैयारी, निर्वाह भत्ता में होगा संशोधन, पढ़े खबर 

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भोपाल। भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त अफसरों को निर्वाह भत्ता के नाम पर मिलने वाली रेवड़ी पर सरकार अब लगाम लगाने की तैयारी में है। सामान्य प्रशासन विभाग ने संशोधन की तैयारी भी शुरू कर दी है। अन्य प्रदेशों के प्रावधानों पर भी सरकार विचार मंथन कर रही है। बता दें कि मुख्यमंत्री कार्यालय से दो माह पहले सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश जारी किया गया था।


दरअसल, धांधली में लिप्त अधिकारियों को निर्वाह भत्ता के वर्तमान नियमों के मुताबिक निलंबन के तीन माह तक वेतन का 50 प्रतिशत राशि देने का प्रावधान है। यदि निलंबन की अवधि तीन माह से अधिक हो जाती है तो अधिकारियों को 75 फीसदी राशि भत्ते के तहत दी जाती है। इस नियम को आरटीआई एक्टिविस्ट समेत कर्मचारी संगठनों भी ने सरकार की नीति के खिलाफ विरोध भी जताया। प्रदेश में जीरो टॉलरेंस की नीति के बाद भी भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारियों को वेतन की 75 प्रतिशत राशि दिए जाने के नियमों में संशोधन को लेकर कई बार पत्र भी लिखे गए।


तीन माह पहले प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी कर्मचारियों के संगठन तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने निर्वाह भत्ता नियमों को लेकर बैठक की थी। सर्वसम्मति के बाद संगठन के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने बीती 18 फरवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को पत्र लिखा गया। इसमें बताया गया कि भ्रष्टाचार अधिकारियों को आधा वेतन फिर तीन माह बाद 75 फीसदी वेतन से कोई फर्क नहीं पड़ता। साथ ही भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है। संगठन ने सरकार से तत्काल निर्वाह भत्ता बंद करने की मांग की थी। 20 फरवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय से सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किया था।


सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्वाह भत्ता को लेकर अन्य प्रदेशों के प्रावधानों का अध्ययन किया जा रहा है। साथ ही न्यायालय के आदेशों पर मंथन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सरकार निलंबन की तीन माह की अवधि के बाद वेतन का 75 प्रतिशत राशि का प्रावधान भी खत्म करने की तैयारी में है। इसके अलावा रिश्वत में रंगे हाथ पकड़ाए कर्मचारी-अधिकारी, आय से अधिक संपत्ति के मामले समेत भ्रष्टाचार के विचाराधीन प्रकरणों के लिए अलग से संशोधित ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

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