आगर मालवा। डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर जयंती के अवसर पर कलेक्टर कैलाश वानखेड़े के अभिनव प्रयास से जिले की नवीन लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। यह लाइब्रेरी देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले के नाम से पूर्व अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, पीडब्ल्यूडी में संचालित होगी। लाइब्रेरी का शुभारंभ कलेक्टर वानखेडे ने अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश इटावदिया, न्यायाधीश भूपेंद्र कुशवाहा की उपस्थिति में प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों द्वारा सावित्रीबाई फुले एवं डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर पूर्व सहायक संचालक रविंद्र देवड़ा एवं सब इंजीनियर एमपीआरआरडीए पीआईयू-। लोकेंद्र कोचक द्वारा प्रतियोगिता परीक्षाओं संबंधी 8-8 किताबों का सेट प्रदान किया गया। कलेक्टर ने शुभारंभ अवसर को संबोधित करते हुए कहा कि किताब एक अच्छे दोस्त की तरह होती है, जिस तरह दोस्त विषम समय काम आता है, उसी तरह किताबें भी विषम परिस्थिति में व्यक्ति का बखूबी साथ निभाती है, किताबों में विषम सवालों एवं परिस्थितियों का हल छुपा है। जिले में पुस्तकालय खुल जाने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ आमजन को भी अपना ज्ञान बढ़ाने में सहयोग मिलेगा। पुस्तकालय खोलने का उद्देश्य भी यही है कि जिले में शैक्षणिक वातावरण निर्मित हो तथा लोगो में किताबों के प्रति रुचि में वृद्धि हो और व्यक्ति अपना अधिक से अधिक समय किताबों को दे। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ ही साहित्य किताबों का संग्रह किया जाएगा जिससे कि व्यक्तियों की साहित्य में रुचि बढ़े तथा लोगो को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक वातावरण मिले। लाइब्रेरी के साथ साइबर लाइब्रेरी का संचालन भी किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि लाइब्रेरी परिसर में बगीचा भी विकसित किया जाएगा, जिससे कि आने वाले व्यक्तियों को प्राकृतिक वातावरण मिले तथा वे प्रकृति के बीच बैठकर किताबों का अध्ययन कर सकेंगे। कलेक्टर ने जिले के जनप्रतिनिधिगण, सामाजिक, व्यवसायिक संगठनों, व्यापारीगण एवं पत्रकारगण से अपील की है कि वे लाइब्रेरी के संचालन में सामग्री, किताबें एवं धनराशि देकर सहयोग करे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर न्यायाधीश कमलेश इटावदिया ने कहा कि आज का युग कंप्यूटर, मोबाइल का युग है, जिससे लोगों में किताबों के पढ़ने के प्रति रुचि कम हुई है, जिले में लाइब्रेरी का शुभारंभ हो जाने से इसका लाभ प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चों, साहित्य में रुचि रखने वाले व्यक्तियों, वृद्धजनों शासकीय सेवकों को लाभ मिलेगा, वे अपने खाली समय में लाइब्रेरी में उपस्थित होकर अपनी रुचि निशान किताबों का अध्ययन कर सकेंगे इससे निश्चित ही नागरिकों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ेगी। उन्होंने जिले में लाइब्रेरी खोलने के अभिनव प्रयासों पर कलेक्टर की सराहना की।
न्यायाधीश भूपेंद्र कुशवाहा ने कहां की आगर-मालवा जिला ग्रामीण परिवेश वाला जिला है, बड़े शहरों में तो लाइब्रेरी होती है किंतु जिले में लाइब्रेरी खुल जाने से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले गरीब बच्चों को काफी मदद मिलेगी, वे अपनी तैयारी लाइब्रेरी की पुस्तकों से आसानी से कर सकते हैं। कुशवाह ने लाइब्रेरी संचालन में हमेशा समर्पित रहने तथा लॉ संबंधी पुस्तकें भेंट करने की भी बात कही। जिला आबकारी अधिकारी राजौरे ने इस प्रकार की लाइब्रेरी बिना जन सहयोग के संचालित नहीं हो सकती है इसके लिए सभी अपनी ओर से थोड़ा थोड़ा सहयोग करें, जिससे लाइब्रेरी जिस उद्देश्य के लिए शुरू की गई है वहां मूर्त रूप ले सके। राजोरे ने 11 हजार रूपये की राशि लाइब्रेरी के संचालन हेतु प्रदान करने की घोषणा भी की। पत्रकार रामेश्वर योगी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए लाइब्रेरी संचालन के लिए 5100 रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम को एसडीएम आगर बैरवा, डिप्टी कलेक्टर मनीषा कौल, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, पूर्व पीआरओ रविन्द्र देवड़ा, प्राचार्य नेहरू महाविद्यालय रेखा गुप्ता, सांख्यिकी अधिकारी संजीव पाटिल, नगर पालिका सीएमओ पवन फुलफकिर, ईश्वर अजमेरिया, ने लाइब्रेरी के संचालन में अपनी ओर से सहयोग प्रदान करने की बात कहीं। इस अवसर पर डीआईओ आरजू परिहार, सहायक संचालक भारती अवास्या, ईई पीडब्ल्यूडी बंसल सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।