खरगोन। कहते है कि जहां चाह हो वहां राह निकल ही आती है। झिरन्या जनपद में मानीकेरा पंचायत में कुसुम्बिया गांव के फलिया में रहने वाले जनजातीय लोगों ने भी एक ऐसी ही राह निकाली है। गांव के नाले में बहने वाले पानी को रोकने के लिए पंचायत ने मनरेगा से चौक डेम का काम शुरू किया। लिहाजा यहां मनरेगा में फलियां के लोगों ने कभी 15 तो कभी 18 मजदूरों ने काम भी किया। 45 दिनों तक मजदूरी के बाद जिस नाले का पानी फरवरी मार्च में ही सुख जाया करता था। वहां आज भी भरपूर पानी है। बस इसका फायदा फलिया के नागरिकों ने उठाया है। उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि उनके खेत से तीसरी फसल भी उपज सकती है। लेकिन ऐसा हुआ है तो एक छोटे से चौक डेम से। चौक डेम बन जाने ने अब करीब 400 मीटर तक पानी जमा होकर बहने लगा है। इस चौक डेम से रुके पानी को बलिराम, चौनसिंह मनोहर, हीरालाल, हरी, बकील जैसे सैकड़ो जनजातीय वर्ग के नागरिकों ने अवसर में बदल कर करीब 20 से 25 एकड़ रकबे में कोई 3 एकड़ में तो कोई 2 एकड़ में मूंग, मक्का और मूंगफली की फसल ले रहे हैं।