जीरन। विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस पर शासकीय महाविद्यालय जीरन में प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर दिव्या खरारे के निर्देशन में विद्यार्थियों को विश्व पुस्तक दिवस 2023 की थीम स्वदेशी भाषाओं पर व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमे ग्रंथपाल रणजीत सिंह चंद्रावत द्वारा बताया कि विश्व पुस्तक दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) द्वारा 1995 में दुनिया भर में पढ़ने प्रकाशन और कॉपीराइट संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए की गई थी, एवं साथ ही बताया कि विश्व पुस्तक दिवस की मूल अवधारणा की कल्पना 1922 में बार्सिलोना में कर्वेन्ट पब्लिशिंग हाउस के निदेशक विसेंट क्लेवेल द्वारा की गई थी । क्लेवेल का उद्देश्य प्रसिद्ध लेखक मिगुएल दे कर्वेन्ट को सम्मानित करने और पुस्तकों की बिक्री बढ़ाने के लिए की गई थी साथ ही बताया कि पहले यह उत्सव 7 अक्टूबर 1926 को मनाया गया, जो कि कर्वेन्ट का जन्मदिन था इसके बाद 1930 में उनकी मृत्यु दिनांक 23 अप्रैल को स्थानांतरित कर दिया गया, तब से 1995 से 23 अप्रैल को आधिकारिक रूप से नामित कर दिया गया था, डॉ. विष्णु निकुम द्वारा विद्यार्थियों को पुस्तकों से पढ़ने एवं पुस्तकों के उपयोग को बढ़ाने के लिए लोगों को जागरूक करने हेतु प्रेरित किया साथ ही ऐसी पुस्तकों के नाम बताएं जिससे विद्यार्थी प्रेरित होकर अपने जीवन को एक नया आयाम प्रदान कर सकें। इस अवसर पर महाविद्यालय स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
-
वॉइस ऑफ़ एमपी की मुहीम- बेज़ुबान पक्षियों के लिए दान करें सकोरे या फिर अपने मकान की छत पर रखे सकोरे, भीषण गर्मी में सुने इनकी फ़रियाद।