नई दिल्ली। उत्तराखंड से एक बड़ी खबर सामने आई है। नैनीताल हाई कोर्ट में मध्यप्रदेश के नीमच की रहने वाली एक हिंदू युवती भावना ने कलियर शरीफ में नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी। इसके लिए भावना ने कोर्ट में याचिका दायर करते हुए अपनी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग भी की।
22 वर्षीय भावना की इस याचिका पर वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में सुनवाई हुई। कोर्ट ने फैसला लड़की के पक्ष में सुनाते हुए उसे सुरक्षा उपलब्ध कराने का आदेश दिया। वहीं, मामले में सुनवाई की अगली तारीख 22 मई रखी गई है।
भावना हरिद्वार स्थित सिडकुल में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती है। भावना के साथ उसी कंपनी में 35 वर्षीय फरमान नाम का एक युवक भी काम करता है। भावना ने नैनीताल हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उसका भी मन नमाज पढ़ने का करता है। वह अपने सहकर्मी के साथ कलियर शरीफ में नमाज अदा करना चाहती, लेकिन वह जब भी पिरान कलियर में नमाज पढ़ने के लिए जाती है, तो कुछ संगठन उसका विरोध करते हैं।
भावना की इस शिकायत के बाद कोर्ट में सुनवाई हुई। खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को नमाज पढ़ने का इजाजत देते हुए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया। अदालत की ओर से कहा गया कि जब भी वह नमाज अदा करने के लिए जाए तो अपने पास के थाने में एक प्रार्थना पत्र थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर को दे दें। इसके बाद थाने के एसएचओ उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाएंगे।
इस दौरान अदालत ने भावना से यह पूछा कि आपने अपना धर्म नहीं बदला फिर भी आप नमाज अदा करना चाहती हैं क्यों ? इस पर लड़की ने जवाब दिया, वह इससे बेहद प्रभावित है। इसी वजह से वह नमाज पढ़ना चाहती है। भावना ने अदालत से यह भी कहा कि उसने अभी तक शादी नहीं की है। साथ ही वह अपना धर्म भी बदलना नहीं चाहती है। वह हिंदू धर्म को मानती है और किसी बिना किसी डर-भय के वह कलियर में इबादत करना चाहती है।