नीमच। मशहूर सूफी बुज़ुर्ग शाहे विलायत हज़रत बाबा शहाबुद्दीन र.अ.का 128 वें चार दिवसीय उर्स अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। उर्स के तीसरे दिन मंगलवार रात 9 बजे से कव्वाली की महफिल सजाई गई, जो देर रात तक जारी रही। महफिल में मुख्य रूप से सूफी बुज़ुर्ग हज़रत वकीलुद्दीन मियाजी और शहंशाह-ए-केरल सय्यद वाहिद अली शाह मस्तान क़ादरी रिफाई सहित अन्य सूफी संत मौजूद रहे।
उर्स कमेटी के सदर मुन्ना दुर्रानी ने बताया कि 23 मई को देश भर से आए मशहूर कव्वालों ने कलाम पेश किए। निसार एहसान चिश्ती कव्वाल एंड पार्टी मेवाड़ ने मुकद्दर जगमगाया है अली ने कलाम पढ़कर समां बांधा। जिसपर श्रोता झूम उठे। प्रसिद्ध कव्वाल राजा सरफराज़ दरबारी रामपुर उत्तरप्रदेश और राजू मुरली कव्वाल ने भी बाबा शहाबुद्दीन की शान में बेहतरीन कलाम पेश किए। उर्स के तीसरे दिन बड़ी तादाद में बाबा के चाहने वाले देश भर से नीमच पहुंचे, और मज़ार पर हाज़री देकर अकीदत के फूल पेश किए। वहीं 24 मई बुधवार को महफिले रंग के साथ कुल की रस्म अदा की जाएगी। जिसमें राजा सरफराज़ दरबारी और निसार एहसान चिश्ती कव्वाल अपना कलाम पेश करेंगे।