रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने फरवरी 2026 में प्रि-डिपार्चर डिटेंशन के मामले में भारतीय रेलवे के प्रमुख मंडलों में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। यह उपलब्धि उन मंडलों में हासिल की गई है, जहां प्रतिदिन 100 से अधिक मालगाड़ियों के लिए टीए जारी किए जाते हैं।
मंडल रेल प्रबंधक के नेतृत्व और परिचालन विभाग के कुशल मार्गदर्शन तथा विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के कारण यह सफलता संभव हुई। मंडल में क्रू बुकिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है, जिसमें 100 प्रतिशत एफओआईएस-सीएमएस (फ्रेट ऑपरेशन मैनेजमेंट सिस्टम और क्रू मैनेजमेंट सिस्टम) का एकीकरण सुनिश्चित किया गया है। क्रू बुकिंग अब केवल इंटीग्रेटेड एफओआईएस आईडी के माध्यम से की जा रही है।
इसके साथ ही क्रू लॉबी की नियमित निगरानी, समय पर क्रू को ड्यूटी पर भेजना और समय पर टीए प्रदान करना, पुट-बैक प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करना भी इस उपलब्धि में योगदान दे रहा है। रेलवे यार्डों में थ्रू ट्रेन और इंजन परिवर्तन वाली ट्रेनों के लिए अलग सेगमेंटेशन की व्यवस्था से संचालन में अनावश्यक देरी कम हुई है। मालगाड़ियों की औसत गति में सुधार, क्रू के कार्य घंटों पर नियंत्रण और प्रमुख यार्डों में कंजेशन में कमी भी सफलता के प्रमुख कारक रहे हैं।
इन प्रभावी प्रयासों और समन्वय का परिणाम है कि रतलाम मंडल ने फरवरी 2026 में 41 मिनट की प्रि-डिपार्चर डिटेंशन के साथ प्रथम स्थान हासिल किया और पश्चिम रेलवे को गौरवान्वित किया।