तराना (उज्जैन)। उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एक पंचायत सचिव और उसके साथी ठेकेदार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ट्रैप कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम बोरदा मांडा के सरपंच राजेश चतुर्वेदी ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन से शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत में कराए गए निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ उनसे 45 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। आरोप है कि सचिव पहले ही 15 हजार रुपए ले चुका था और शेष 30 हजार रुपए की मांग कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन किया, जो सही पाया गया। इसके बाद निरीक्षक दीपक सेजवार के नेतृत्व में ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई गई।
योजना के अनुसार जब आवेदक ने 30 हजार रुपए की रिश्वत राशि दी तो पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ ने वह रकम अपने साथी ठेकेदार कमल बंजारा को दे दी। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने दोनों को थाना कायथा के पास आवेदक की कार (स्विफ्ट डिजायर MP09 CH 5873) में रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।