KHABAR : धनेरिया खुर्द में श्रीमद्भागवत कथा का तीसरा दिन, कपिल अवतार और ध्रुव चरित्र प्रसंग से भावविभोर हुए श्रद्धालु, पढे़ मोहन नागदा की खबर
वौइस् ऑफ़ मप्र
नीमच। धनेरिया खुर्द में परिहार परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा का का वाचन मीरापीठाधीश्वर साध्वी अपर्णा जी मेनारिया शामगढ़ मीरापीठ गंधेर प्रतापगढ़ राजस्थान के मुखारविंद द्वारा हो रहा है आज कथा के तीसरे दिन साध्वी अपर्णा जी ने कपिल अवतार और माता देवहूति को दिए गए सांख्य योग के उपदेश का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने समझाया कि कैसे भगवान कपिल ने अपनी माता को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मार्ग बताया। साथ ही ध्रुव चरित्र का मार्मिक प्रसंग भी सुनाया गया। मात्र 5 वर्ष की आयु में ध्रुव जी ने अपनी सौतेली माता के कटु वचनों से आहत होकर भगवान की कठोर तपस्या की और अचल पद प्राप्त किया। साध्वी जी ने कहा कि ष्भगवान को पाने के लिए उम्र नहीं, दृढ़ निश्चय चाहिए। ध्रुव जी की तरह अगर भक्त सच्चे मन से पुकारे तो भगवान अवश्य मिलते हैं।ष्पांडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। ध्रुव चरित्र के प्रसंग पर कई भक्तों की आँखें नम हो गईं। भजन ष्मेरो राधा रमण गिरधारीष् पर पूरा पांडाल झूम उठा पूज्य दीदी जी ने ध्रुव चरित्र के साथ-साथ भागवत के दृष्टांतों से समाज में फैली बुराइयों पर भी प्रकाश डाला। मदिरा पान पर विशेष उपदेशरू साध्वी अपर्णा जी ने कहा कि मदिरा पान करने वाला व्यक्ति अपने धर्म, कर्म और परिवार तीनों को नष्ट कर देता है। नशा बुद्धि का नाश करता है और मनुष्य को पशु के समान बना देता है।ष्उन्होंने अजामिल के प्रसंग से जोड़ते हुए समझाया कि कैसे कुसंग और व्यसन मनुष्य को पतन की ओर ले जाते हैं। साध्वी जी ने युवाओं से विशेष आह्वान किया कि ष्शरीर भगवान का मंदिर है, इसे नशे से अपवित्र न करें। भागवत कथा का श्रवण ही सबसे बड़ा नशा है जो जीवन को आनंद से भर देता है।