NEWS: रेवड़ा महादेव में श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन,,संयम,प्रेम व करुणा से मिलती धर्म को गति,साध्वी हंसादेवी सरस्वती

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NEWS: रेवड़ा महादेव में श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन,,संयम,प्रेम व करुणा से मिलती धर्म को गति,साध्वी हंसादेवी सरस्वती

छोटीसादडी़ :-

मनुष्य को भौतिक सुविधा पाने के लिए साधन न बढ़ाकर प्रतिदिन भजनों की संध्या में समय बिताये। जिससे जीवन का कल्याण हो सके। माया का अभिमान दुख का कारण है। धर्म को गति, संयम, प्रेम व करूणा से ही मिलती है। यह बात रेवड़ा महादेव मंदिर परिसर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार को साध्वी हंसादेवी सरस्वती ने मौजूद श्रद्धालुओं से कही।उन्होंने कहा कि दांपत्य जीवन सुखमय जीने के लिए लोभ,मोह,माया,राग,द्वेष आदि को छोड़कर प्रभु भक्ति का मार्ग चुनना होगा। साध्वी ने कहा जब समाज सुविधाओं में रहता हो। तब एक संत रात भर सिर्फ इसलिए जागता है कि सुविधाएं समाज के लिए कोई दुविधा नहीं बन जाए।

सुविधा भोगी समाज एक संत का हाथ पकड़कर त्रिवेणी संगम पार कर लेता है। धर्म के मार्ग पर उठोगे तो नियम टूटेंगे। संसार विरोधी हो जाएगा। राम से भटकाकर ले जाने का प्रयास करेगा। लेकिन संत का हाथ थामे रहोगे तो यात्रा अधूरी नहीं रहेगी और जीवन की नैया पार हो जाएगी। कथा के बीच बीच में आकर्षक भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु नाचने पर मजबूर हो गए

कथा समापन पर रेवडा महादेव विकास समिति द्वारा साध्वी हंसादेवी सरस्वती का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। कथा में शनिवार को प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष उदयलाल आंजना द्वारा कृष्ण रुक्मणी विवाह में भाग लेकर आरती का लाभ लिया। कथा में संचालन तुलसीराम पाटीदार द्वाराकिया गया।जलोदिया केलुखेडा,रेवड़ा, भाटिया, बरखेड़ा, स्वरूपगंज, गाडरियावास,चौहानखेड़ा,महूडीया,धामनिया जागीर,साकरिया,रंभावली सहित आसपास के बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चों ने धर्म का लाभ लिया। कथा समापन पर महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया। रेवड़ा महादेव विकास समिति द्वारा पिछले 15 वर्षों से लगातार श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कर मंदिर का विकास किया जा रहा है।


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