NEWS: बैरागी दादा के जाने से क्षेत्र ने खोया एक सच्चा मार्गदर्शक, मनासा प्रेस क्लब ने दादा को पृष्पांजली देकर किया याद, पढें शब्‍बीर बोहरा की खबर

Image not avalible

NEWS: बैरागी दादा के जाने से क्षेत्र ने खोया एक सच्चा मार्गदर्शक, मनासा प्रेस क्लब ने दादा को पृष्पांजली देकर किया याद, पढें शब्‍बीर बोहरा की खबर

नीमच :-

मनासा। मालवा के सपुत ओर देश के ख्यातनाम साहित्यकार बालकवि बैरागी के आकस्मिक निधन पर गुरूवार को मनासा प्रेस क्लब ने डाक बंगले पर श्रृद्वा सुमन अर्पित कर उन्हे श्रृद्वांजली दी । प्रेस क्लब द्वारा आयोजित श्रृद्वांजली कार्यक्रम मे पत्रकारो ने कहा कि दादा के जाने के बाद मनासा साहित्य के क्षेत्र मे बंजर हो गया। 

गुरूवार को मनासा प्रेस क्लब मनासा द्वारा स्थानीय डाक बंगला परिसर मे ख्यातनाम कवि एवं राजनेता बालकवि बैरागी के निधन पर श्रृद्वांजली सभा का आयोजन किया गया। श्रृद्वांजली सभा मे बैरागी जी के चित्र पर पुष्पांजली देने के बाद दो मिनिट का मौन रखकर दादा को याद किया। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए वरिष्ठ पत्रकार रमेश ओझा ने कहा कि दादा बैरागी ने मनासा को साहित्य के साथ ही राजनीति के पटल पर एक नई पहचान दिलाई है। आज वे हमारे बीच मे नही रहे लेकिन उनके सिद्वांत हमारे बीच मे जिंदा है। पत्रकार सलीम कुरैशी ने दादा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दादा वो शख्सियत थे जिन्होने मनासा ही नही अपितु देश के नौजवानो को साहित्य क्षेत्र मे आगे लाने का काम किया है। दीनबंधु बैरागी ने बैरागी दादा को सरल सहज व्यक्तित्व का धनी बताते हुए क्षेत्र के लिए बहूत बडी हानि बताया।

गोपाल जोशी ने अपनी पुष्पांजली देते हुए कहा कि दादा के व्यक्तित्व मे एक सर्वोत्कृष्ट साहित्यकार ,राजनेता के अलावा एक संत के भी दर्शन होते थे। उन्होने हमेशा अच्छे मार्गदर्शक के बतौर भुमिका निभाई है। अजय तिवारी ने कहा कि दादा का व्यक्तित्व विराट होने के बाद भी वे एक साधारण व्यक्ति थे। जो बडे होते है वे छोटो को सम्मान देना नही भुलते ओर ये खासियत दादा मे थी। देशराज सहगल कैलाश सोडाणी ने अपने शोक संवेदना मे कहा कि दादा की कमी हमेशा रहेगी। दादा से हमे बहुत कुछ सिखने को मिला है। प्रेस क्लब अध्यक्ष बी. एल. दमामी ने दादा के अचानक चले जाने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मनासा साहित्य के क्षेत्र मे दादा के जाने के बाद बंजर हो गया है। दादा ने हमको हमेशा अच्छे लेखन के लिए जहां प्रोत्साहित किया वही गलती होने पर डांट भी दी। दादा की छांव मे हम जैसे छोटे कलमकारो को बहुत कुछ सिखने को मिला । आज मनासा साहित्य व लेखन के क्षेत्र मे बंजर हो गया । जिसमे फिर से हरियाली आना संभव ही नही मुश्किल सा लग रहा है। इस दौरान पत्रकार रामधन विजयवर्गीय ,कैलाश मंत्री, प्रेस क्लब सचिव शब्बीर बोहरा , विजय पंवार ,सुनील भंडारी, सुरेश कुुमावत ,दिलीप बोराना सहित पत्रकार साथी मौजुद थे।      


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright VOICEOFMP 2017. Design and Developed By Pioneer Technoplayers Pvt Ltd.