खबरे BIG BREAKING : नहीं रहे अंकुश अरोरा, उदयपुर में ली अंतिम सांस, शवयात्रा मंगलवार को सुबह 10 बजे BIG REPORT: खुलासे के बाद हड़कंप, शिवराज सिंह चौहान के शासन में हुआ महाघोटाला, अपात्रों ने भी उठाया संबल योजना का लाभ, पढें खबर NEWS: एसडीएम द्वारा जारी अनुमतियां निरस्‍त, पढें खबर NEWS: विधिक सेवा दिवस मनानें के साथ मध्यस्थता जागरूकता शिविर का आयोजन भी, पढें खबर, पढें खबर NEWS: तीन दिवसीय पैरालीगल वालेन्टियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्‍पन्‍न, पढें खबर NEWS: इस वर्ष 150 आदिवासी विद्यार्थियों को विदेश अध्ययन, छात्रवृत्ति और कोचिंग सुविधा, पढें खबर BIG NEWS: प्रभारी कलेक्‍टर भव्‍या मित्‍त्‍ल एवं एसपी राकेश कुमार सगर ने किया सभी का आभार व्‍यक्‍त, पढें खबर NEWS: स्वास्थ्य शिविर का आयोजन आज, पढें खबर NEWS: कार्तिक पूर्णिमा पर करमोही में होगा टाटियों का विसर्जन व दीपदान, पढें खबर NEWS: पारसोला में पिच्छी परिवर्तन और जैनेश्वरी दीक्षा में उमड़ा जन समुदाय, संयम का प्रतिक होती है पिच्छी, आचार्य विमदसागर, पढें खबर NEWS: नियमों का उलंघन करनें वालों पर यातायात पुलिस ने की कार्रवाही, बनाए 41 चालान, 24 हजार 500 रूपए शमन शुल्‍क वसूला, पढें खबर BIG NEWS: गोरी सोमनाथ महादेव मंदिर पर मंगलवार को लगाया जाएगा 111 किलों लड्डुओं का भोग, बैठक सम्‍पन्‍न, पढें खबर NEWS: मनमुटाव व पद की लालसा को छोड़ गुरु के प्रति समर्पित भाव से कार्य करें, पढें खबर OMG ! गिट्टी हटानें की ममूली बात, गुस्‍साएं युवक ने महिला एवं बेटे पर कर दिया तलावार से हमला, पुलिस ने किया प्रकरण दर्ज, जांच शुरू, पढें खबर WOW: राष्ट्रीय अधिवेशन में बालिका परिषद ने पाया पहला स्थान, पढें खबर BIG NEWS: 35 वर्ष की आयु निर्धारित, युवाओं में जोश, नगर में भाजपा मंडल अध्‍यक्ष को लेकर घमासान, पढें दशरथ नागदा की खबर BIG NEWS: भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों द्वारा मनाई गई पूर्व मुख्‍यमंत्री सुंदरलाल पटवा की जन्‍म जयंती, पढें दशरथ नागदा की खबर

WOW: वर्ल्ड कप में तीन देशों का राष्ट्रगान है इस भारतीय कवि का गीत-संगीत, पढें खबर

Image not avalible

WOW: वर्ल्ड कप में तीन देशों का राष्ट्रगान है इस भारतीय कवि का गीत-संगीत, पढें खबर

डेस्‍क :-

इंग्लैंड में चल वर्ल्ड कप में तीन देश एक भारतीय कवि के लिखे गीत का संगीत को अपने राष्ट्रगान में ढाल कर गा रहे हैं. इस भारतीय कवि का नाम गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर है. नोबेल अवार्ड प्राप्त टैगोर ऐसी हस्ती थे, जिन्होंने कई देशों की संस्कृति को अपने गीत, संगीत, चित्रकला या दर्शन से प्रभावित किया है

वो तीन देश जो इस वर्ल्ड कप में गुरुदेव टैगोर के लिखे गीत या संगीत से प्रभावित राष्ट्रगान को गाते हुए नजर आ रहे हैं, वो हैं-भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका. किस तरह से टैगोर ने इन तीनों देशों को प्रभावित किया और इनके राष्ट्रगान क्या हैं, वो हम आपको आगे बताते हैं

आमार सोनार बांगला- 

वर्ल्ड कप में जब भी बांग्लादेश की टीम मैदान में आती है तो मैच शुरू होने से पहले पूरे माहौल में जब उसका राष्ट्रीय गीत आमार सोनार बांगला, आमी तोमये भालोबासी..बजना शुरू होता है तो ये स्टेडियम में बैठे हर किसी के कानों में अलग ही तरह की मिठास घोलता है. 2.34 मिनट का ये नेशनल एंथेम बांग्लादेश ने 1971 में तब एडाप्ट किया था, जब ये देश पाकिस्तान से बंटकर आजाद हुआ था

हालांकि टैगोर ने ये गीत तब लिखा था जब 1905 बंगाल को अंग्रेज बांटने वाले थे और समूचे बंगाल में एकता का एक संदेश देना था. तब टैगोर ने अपनी कलम उठाई और आमार सोनार बांगला जैसी कालजयी कविता लिखी. देखते ही देखते ये कविता समूचे बंगाल के लोगों की जुबान पर समा गई

उन दिनों हर कोई इस कविता का पाठ करता था. बंगाल के स्कूलों, संगठनों और संस्थाओं में लोग बहुत फख्र से गुरुदेव की इन पंक्तियों को दोहराते थे. उल्लेखनीय बात ये है कि इस राष्ट्रगान का संगीत भी गुरुदेव का दिया हुआ है

जन-गण-मन अधिनायक जय हो-

वर्ल्ड कप में भारतीय टीम जब कोई मैच खेलने उतरती है तो फिजाओं में जन-गण-मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता..गूंजने लगता है. लोग सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाते हैं. 52 सेकेंड के इस राष्ट्रगान के साथ जब तिरंगा लहराता है तो दिल और दिमाग में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय भावना हिलोरें मारने लगती है. ये राष्ट्रगान गुरुदेव रविद्र नाथ टैगोर ने 1911 के आसपास लिखा था. जिसे सबसे पहले कोलकाता में 1911 में राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गाया गया

इसके बाद ये लगातार कांग्रेस के अधिवेशनों का अनिवार्य अंग भी बना. आजादी के आंदोलन में स्वतंत्रता सेनानियों के बीच भी ये गीत बहुत लोकप्रिय था. देश की आजादी के बाद 24 जनवरी 1950 को जन-गण-मन अधिनायक जय हे राष्ट्रीय गीत के तौर पर संविधान में शामिल किया गया

श्रीलंका माता, श्रीलंका माता- 

तीसरा देश जो इस वर्ल्ड कप में टैगोर से प्रभावित नेशनल एंथेम श्रीलंका माता, श्रीलंका, नमो नमो नमो नमो माता...गा रहा है, दरअसल उसकी रचना टैगोर के ही असर से हुई और इसमें रविंद्र संगीत का इस्तेमाल हुआ है

दरअसल इस गीत को कंपोज करने वाले आनंद समराकून शांति निकेतन के विद्यार्थी थे. उन पर गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर का बहुत असर था. जब वो श्रीलंका लौटे तो उन्होंने गुरुदेव की प्रेरणा से ये गीत लिखा और फिर उसे रविंद्र संगीत के साथ कंपोज किया. ये गीत श्रीलंका में इतना लोकप्रिय हो गया कि इसे 1950 में राष्ट्रीय गान के तौर पर स्वीकार किया गया
इस तरह वर्ल्ड कप में जो दस टीमें खेल रही हैं, उसमें तीन टीमें ऐसी हैं जो गुरुदेव टैगोर के रचे गीत या संगीत को इस प्रतियोगिता में राष्ट्रगान के रूप गा रही हैं


SHARE ON:-

image not found image not found

© Copyright BABJI NEWS NETWORK 2017. Design and Developed By PIONEER TECHNOPLAYERS Pvt Ltd.