NEWS: किसान नेता परुलेकर ने भरी हुंकार, 16 मई से पुलिस चौकी के सामने शुरु होना अनिश्चितकालीन धरना, छह किसानों को गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर हो हत्या का मामला दर्ज, पढें जेपी तेलकार की खबर

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NEWS: किसान नेता परुलेकर ने भरी हुंकार, 16 मई से पुलिस चौकी के सामने शुरु होना अनिश्चितकालीन धरना, छह किसानों को गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों पर हो हत्या का मामला दर्ज, पढें जेपी तेलकार की खबर

नीमच :-

पिपलिया स्टेशन। किसानों की समस्याओं के निराकरण को लेकर दिशा किसान संगठन की ओर से 15 से 30 मई तक पिपलिया में दिया जाने वाला धरना 16 मई से शुरु होगा। धरने का नेतृत्व करने वाली महिदपुर की पूर्व विधायक कल्पना परुलेकर ने प्रशासन पर धरने की अनुमति देरी से देने का आरोप लगाया है, उन्होंने इस प्रतिनिधि से चर्चा में बताया यह समय किसानों के लिए अभी नही तो कभी नही का है। किसान भाईयों को अब जागने की जरुरत है, मप्र किसान बहुल प्रदेश है और किसान के वोट से ही सरकार बनती है, दुर्भाग्य है मप्र के किसानों का कि उसको सबने छला है, लेकिन अब वह मोहरा बनने वाले नही है, 6 जून को पिपलिया में जो किसान आंदोलन हुआ था, वो किसानों के नेतृत्व में हुआ था, न कि किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से। लेकिन हत्यारी प्रदेश सरकार ने किसानों पर गोली चलाकर छह किसानों को शहीद कर दिया। पुलिस को कोई अधिकार नही है कि वह किसी की जान के साथ खिलवाड़ करे, ये कैसा लोकतंत्र है ? परुलेकर ने आगे बताया किसानों की पहली मांग है कि विधानसभा चुनाव के पहले 6 किसानों की गोली मारकर हत्या करने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों पर धारा 302 में एफआईआर दर्ज की जाए। वहीं घायल किसानों की रिपोर्ट पर पुलिस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया जाए। किसानों को आंतकित करने के लिए 300 से उपर किसानों पर झंूठे मुकदमे दर्ज किये है, उन्हें तत्काल वापस लिया जाए। परुलेकर ने आगे बताया भावांतर योजना बंद करे, सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है, पहले तो जीरो प्रतिशत पर लोन दिया और भावांतर के नाम से मूलधन की राशि भी किसानों से वसूल कर ली और ब्याज भी दुगुना ले लिया। परुलेकर ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग के मुताबिक किसानों की फसल का मूल्य चाहिए। साथ ही सोयाबीन, गेंहू, पोस्तादाना के आयात पर रोक लगाई जाए, जिससे किसानों को उनकी फसल का वाजिब मूल्य मिल सके। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किसानों को भेजे जा रहे फर्जी बड़े-बड़े बिलों के बाद हो रही पठानी वसूली के डरकर किसान आत्महत्या कर रहे है, जब मंडी टेक्स से सड़के बन रही है, तो किसानों की बिजली की व्यवस्था भी मंडी टेक्स से ही होना चाहिए। किसानों को बिजली निःशुल्क मिलना चाहिए, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। फसलों की लागत से कम किसानों को रुपया मिलने पर तेलंगाना प्रांत की तरह किसानों को 10 हजार रुपए प्रति बीघा के मान से सरकार भुगतान करें। कर्जा माफी में जिन किसानों ने अपना रुपया जमा करा दिया है उनके साथ ही जिन किसानों ने जमा नही कराया उनका भी कर्जा माफ हो। अगर विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश सरकार किसानों की मांगों को पूरा नही करेगी तो प्रदेश में फिर से बड़ा आंदोलन होगा, जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। 

16 से 30 मई तक जारी रहेगा धरना:-

पूर्व विधायक परुलेकर ने बताया धरना 15 मई से ही पिपलिया पुलिस चौकी के सामने दिया जाना था, लेकिन प्रदेश सरकार के दबाव में प्रशासन धरने की अनुमति नही दे रहा था, देर रात्रि 9 बजे हमें धरना देने की अनुमति दी, हमें पिपलिया कृषि मंडी में निर्धारित स्थान के बजाए पिपलिया पुलिस चौकी के सामने धरना देने की अनुमति दी। परुलेकर ने बताया कि 16 से 30 मर्द तक प्रतिदिन प्रातः 11 से शाम 6 बजे तक धरना दिया जाएगा, उसके बाद प्रतिदिन एक गांव में आमसभा होगी। 30 मई के बाद 1 से 10 जून तक सैकड़ोें किसान संगठनों द्वारा किये जाने वाले किसान आंदोलन को समर्थन दिया जाएगा, क्षेत्र में दूध, सब्जी व अनाज के गांव से बाहर जाने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। किसानों की मांगें जब तक पूरी नही हो जाती यह आंदोलन जारी रहेगा।


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