नीमच। नशामुक्त समाज के निर्माण में सभी भागीदार बने। लोगों के नशामुक्ति के लिए जागरूक किया जाये। भावी पीढी को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाये। इस कार्य में स्वयं सेवी संस्थाओं, सभी विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये। यह बात कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में नशामुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कही। बैठक में एसपी सूरज कुमार वर्मा, डीएफओ विजय सिंह, एडीएम नेहा मीना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसएस कनेश व जिला अधिकारी, नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में बताया गया कि नशामुक्ति केन्द्र नीमच में सभी 15 बेड पर नशामुक्ति के लिए मरीज भर्ती है। पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। उप संचालक सामाजिक न्याय अरविन्द डामोर ने जिले में चलाये जा रहे नशामुक्ति अभियान की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में सीबीएन एवं पुलिस नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों ने नशे के विरूद्ध की गई कार्रवाईयों के बारे में विस्तार से बताया।
एसपी वर्मा ने ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए कि मेडिकल दवाईयों से प्रतिबंधित ड्रग की बिक्री की निगरानी व समीक्षा करें और यह देखें कि किस मेडीकल स्टोर्स को कौनसी ड्रग अधिक मात्रा बिक्री हो रही है। एसपी ने अप्रैल से शराब दुकानों के अहाते बन्द् हो जाने से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए अभी से तैयारी करने के निर्देश आबकारी व संबंधित अधिकारियों को दिए।