भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा अचानक गरमा गया है। तीसरी सीट पर मुकाबले की बढ़ती आशंकाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आलाकमान ने एक बड़ा कदम उठाया है। बीजेपी नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों को सोमवार तक भोपाल में ही रुकने के निर्देश दिए हैं।
कैबिनेट मंत्री और मुख्य सचेतक कैलाश विजयवर्गीय द्वारा तीसरी सीट को लेकर दिए गए संकेतों के बाद अब यह साफ हो गया है कि बीजेपी तीसरी सीट पर कब्ज़ा जमाने के लिए पूरा जोर लगाने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस भी अपने खेमे को एकजुट रखने में जुटी है। रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 59 विधायक शामिल हुए, जिससे साफ है कि विपक्ष भी इस मुकाबले को हल्के में नहीं ले रहा है।
समझिए राज्यसभा की तीसरी सीट का पूरा गणित
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए 58 विधायकों के वोटों की जरूरत है। सदन में वर्तमान दलीय स्थिति और आंकड़ों का गणित कुछ इस प्रकार है
भाजपा के पास कुल विधायक: 164
कांग्रेस के पास कुल विधायक: 64
वोटिंग में शामिल होने वाले कांग्रेस विधायक: 62 (कांग्रेस के राजेंद्र भारती और मुकेश मल्होत्रा मतदान नहीं कर सकेंगे)
बीजेपी का समीकरण (2 सीटों के बाद 48 अतिरिक्त वोट)
भाजपा को अपनी शुरुआती दो सीटें आसानी से जीतने के लिए 116 वोटों की आवश्यकता होगी। इसके बाद भी पार्टी के पास 48 अतिरिक्त वोट बचेंगे।
तीसरी सीट के लिए कहां फंस रहा है पेंच?
अगर बीजेपी तीसरी सीट के लिए दावा ठोकती है, तो उसे कांग्रेस के बागी चेहरों और अन्य दलों के भरोसे रहना होगा। बीजेपी के अपने बचे हुए 48 वोट। पार्टी को यदि निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के एक विधायक का समर्थन मिल जाता है, तो यह आंकड़ा 50 वोटों तक पहुंच जाएगा। इस स्थिति में भी बीजेपी को तीसरी सीट पर जीत हासिल करने के लिए 8 और वोटों की कमी पड़ेगी।
क्रॉस वोटिंग के डर से बढ़ी धड़कनें
बीजेपी के पास 8 वोट कम होने के बावजूद जिस तरह विधायकों को भोपाल में ही रोक कर रखा गया है, उससे साफ है कि पर्दे के पीछे कोई बड़ी रणनीति तैयार की जा रही है। वहीं, कांग्रेस के 64 विधायकों में से केवल 62 ही वोट डाल पाएंगे, जिससे कांग्रेस के पास अपनी सीट सुरक्षित रखने के लिए महज 4 अतिरिक्त वोट ही बचेंगे। ऐसे में यदि जरा सी भी क्रॉस वोटिंग या चूक होती है, तो कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है। कैलाश विजयवर्गीय के बयान और बीजेपी की इस घेराबंदी ने साफ कर दिया है कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा का यह चुनाव बेहद दिलचस्प और उतार-चढ़ाव भरा होने वाला है।
बीजेपी का षडयंत्र काम नहीं आएगा
मंदसौर से कांग्रेस विधायक विपिन जैन बोले- बीजेपी के षडयंत्र राज्यसभा की कांग्रेस की सीट पर काम नहीं आएंगे। मीनाक्षी नटराजन के लिए हम सभी एकजुट है। कल हुई बड़ी बैठक, रणनीति तैयार हुई। कमलनाथ भी वर्चुअल शामिल हुए।
कमलनाथ का साफ संदेश, सभी को नटराजन को राज्यसभा पहुंचाना है। सभी को एकजुट रहना है। अब कांग्रेस में इतिहास नहीं दोहराया जाएगा। विपक्ष पर सत्ता पक्ष के सभी समीकरण फेल होंगे।