चित्तौड़गढ़। गर्भवती महिलाओं और उच्च जोखिम वाली प्रसूताओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला चिकित्सालय में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कुल 80 यूनिट रक्त का संग्रहण हुआ।
शिविर का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ताराचंद गुप्ता एवं जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश वैष्णव ने किया। इस अवसर पर चिकित्सा विभाग के युवा कार्मिकों, अधिकारियों, सीएचओ, प्रसाविकाओं, स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्यों ने उत्साह के साथ रक्तदान किया।
सीएमएचओ डॉ. ताराचंद गुप्ता ने बताया कि प्रसूताओं को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर रिप्लेसमेंट की समस्या को कम करने के उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि रक्तदान समाज सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है और इससे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं एवं प्रसूताओं की जान बचाई जा सकती है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्तियों को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए, क्योंकि रक्तदान महादान है।
शिविर में विशेष रूप से डॉ. पुनीत कुमार तिवारी, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य), चित्तौड़गढ़ एवं उनकी पत्नी मालविका रॉय ने दंपति के रूप में रक्तदान कर प्रेरणा दी।
शिविर के सफल आयोजन में डॉ. गौरव अग्रवाल, एलटी खुशाल सैनी एवं शाहबाज सहित अन्य कर्मचारियों का सहयोग रहा। इस दौरान चिकित्सालय का स्टाफ एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।