चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ पुलिस महकमे में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे चुके पुलिस उपाधीक्षक गिरिराज गर्ग का बुधवार देर रात कोटा में उपचार के दौरान निधन हो गया। 56 वर्षीय गर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें कोटा के सुधा अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां रात करीब ढाई बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
गिरिराज गर्ग का चित्तौड़गढ़ से लंबे समय तक जुड़ाव रहा। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में क्राइम असिस्टेंट, मानव तस्करी एवं गुमशुदा व्यक्ति सेल तथा एससी-एसटी प्रकोष्ठ में जिम्मेदारी संभाली। पदोन्नति के बाद वे पुलिस उपाधीक्षक बने और साइबर थाना चित्तौड़गढ़ में भी सेवाएं दीं।
चित्तौड़गढ़ के बाद उनका स्थानांतरण बांसवाड़ा और डूंगरपुर हुआ। बाद में वे आरएसी बटालियन में सहायक कमांडेंट के पद पर नियुक्त हुए। इसी दौरान कोटा में तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया।
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक क्षेत्र मांडलगढ़ लाया गया। यहां 14वीं बटालियन डीग-भरतपुर आरएसी की ओर से उन्हें राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों, परिजनों, समाजजनों और ग्रामीणों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद गुरुवार शाम करीब छह बजे वैदिक रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्रों प्रज्वल और प्रांशु ने मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, परिजन, मित्र और समाजजन शामिल हुए।
गिरिराज गर्ग अपने सरल, सहज और मिलनसार व्यवहार के लिए सहकर्मियों के बीच पहचाने जाते थे। उनके निधन की खबर से चित्तौड़गढ़ पुलिस विभाग, कोटा आरएसी बटालियन और मांडलगढ़ क्षेत्र में शोक का माहौल है।