खरगोन। करीब 40 साल पुरानी जवाहर कॉटन मिल की जमीन की प्रस्तावित नीलामी को लेकर मिल के श्रमिकों और अंशधारी किसानों ने शहर में रैली निकाली। रैली के बाद प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सूतमिल की पूरी संपत्ति की एक साथ नीलामी की जाए और उससे प्राप्त राशि में से अंशधारी किसानों तथा श्रमिकों की बकाया राशि का भुगतान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आठ दिवस के भीतर मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो सूतमिल के सामने खंडवा-बड़ौदा हाईवे पर चक्काजाम किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जवाहर कॉटन मिल पर नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (छब्क्ब्) का करीब 24 करोड़ 16 लाख रुपए बकाया है। इसी राशि की वसूली के लिए आगामी 23 सितंबर 2026 को मिल की करीब 9.78 एकड़ जमीन की नीलामी प्रस्तावित है। बताया गया है कि जमीन को दो हिस्सों में नीलाम किया जाएगा और दोनों हिस्सों का कुल रिजर्व प्राइज करीब 8 करोड़ रुपए रखा गया है।
गौरतलब है कि किसान अंशधारियों वाली इस सहकारी सूतमिल ने वर्ष 2023-24 में करीब 25 करोड़ 56 लाख रुपए का मुनाफा कमाया था। हालांकि, इसके बाद मिल आर्थिक संकट में आ गई और दिसंबर 2024 से घाटे के चलते बंद है। बकाया राशि की वसूली के लिए अगस्त 2025 में छब्क्ब् ने मिल पर कब्जा लिया था।
अब श्रमिकों और अंशधारी किसानों की मांग है कि नीलामी की प्रक्रिया में उनके हितों का ध्यान रखते हुए उनकी बकाया राशि लौटाई जाए। आगामी 23 सितंबर को होने वाली नीलामी पर सभी की नजरें टिकी हैं।