नीमच। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत खनिज संसाधन विभाग, मध्यप्रदेश शासन के प्रमुख सचिव विवेक कुमार पोरवाल ने शुक्रवार को नीमच तहसील के ग्राम सगराना में निर्माणाधीन गोल्ड कॉस्ट सीमेंट फैक्ट्री का निरीक्षण किया। करीब 115 हेक्टेयर क्षेत्र में 3,500 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित हो रही इस परियोजना से 2 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
प्रमुख सचिव पोरवाल ने परियोजना की निर्माण प्रगति का जायजा लिया और कंपनी प्रतिनिधियों से परियोजना की वर्तमान स्थिति, प्रस्तावित उत्पादन क्षमता, अधोसंरचना तथा आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। कंपनी प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि यह पूर्णतः इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट होगा, जिसमें प्रतिदिन करीब 10 हजार टन क्लिंकर और 11 हजार टन सीमेंट उत्पादन की क्षमता प्रस्तावित है। परियोजना का संचालन आगामी मई माह से शुरू करने की योजना है।
प्रेजेंटेशन में बताया गया कि उत्पादन इकाइयों के साथ श्रमिकों के लिए आवासीय कॉलोनी, स्कूल, मार्केट सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है। कंपनी का लक्षित बाजार मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान और गुजरात रहेगा। प्लांट में लाइमस्टोन क्रशर, रॉ मिल, बैगिंग सहित उत्पादन से जुड़ी विभिन्न इकाइयों तथा विद्युत उत्पादन एवं उपयोग की व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं।
पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन पर विशेष जोर
कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि परियोजना में सीवेज एवं वेस्ट मैनेजमेंट की समुचित व्यवस्था विकसित की जा रही है। कुल आवंटित भूमि के करीब 30 प्रतिशत क्षेत्र को ग्रीन एरिया के रूप में विकसित करने की योजना है। वर्षा जल संरक्षण के लिए चार रेन वाटर हार्वेस्टिंग पॉन्ड बनाए जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता करीब 60 हजार घन मीटर होगी। हाईवे के किनारे पौधरोपण सहित अन्य हरित विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं। प्रमुख सचिव पोरवाल ने जल संरक्षण, हरित क्षेत्र विकास और पर्यावरणीय प्रबंधन के उपायों को प्रभावी एवं दीर्घकालिक बनाने के निर्देश दिए।
फ्लाई ऐश के अधिकतम उपयोग पर जोर-
प्रमुख सचिव ने फ्लाई ऐश के उपयोग की जानकारी लेते हुए इसके अधिकतम संभव उपयोग पर जोर दिया। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि समीपस्थ थर्मल पावर प्लांट से फ्लाई ऐश प्राप्त कर सीमेंट उत्पादन में इसका उपयोग किया जाएगा। प्रमुख सचिव ने फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक एवं उपयोगी निस्तारण के साथ सीमेंट उद्योग में इसके अधिकाधिक उपयोग की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए।
कनेक्टिविटी और अधोसंरचना पर चर्चा-
कंपनी प्रतिनिधियों ने भूमि अधिग्रहण, माइनिंग ब्लॉक्स के लिए एमपीडीए के विस्तार, 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन तथा जावद रोड क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी से जुड़े विषयों में प्रशासनिक सहयोग की अपेक्षा रखी। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों के साथ इन विषयों पर चर्चा करते हुए नियमानुसार समन्वय से कार्य करने का सुझाव दिया।
कंपनी के एमडी आर.एस. जोशी ने बताया कि कंपनी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने और स्थानीय हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भविष्य में परियोजना के विस्तार की संभावनाओं की जानकारी भी दी।
प्रमुख सचिव पोरवाल ने परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, एडीएम बी.एस. कलेश, एसडीएम नीमच पराग जैन, एसडीएम जावद संजीव साहू, फैक्ट्री के एमडी आर.एस. जोशी, प्रोजेक्ट हेड गिरधर जाटव, हेड इंडस्ट्रियल अफेयर्स दिनेश पांडे सहित संबंधित अधिकारी एवं कंपनी के अधिकारी-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।