जबलपुर। 1857 की क्रांति के महानायक राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की गाथा मध्य प्रदेश में स्कूली पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बलिदान दिवस पर दोनों शहीदों को प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान स्थल का संरक्षण किया जाएगा और उनके जीवन पर आधारित डाक्यूमेंट्री भी तैयार कराई जाएगी। इससे आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और स्वाभिमान की प्रेरणा मिलेगी।
अंग्रेजों के प्रस्ताव ठुकराए, बलिदान चुना
राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के धर्म परिवर्तन और प्रलोभन से जुड़े प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। उन्होंने स्वधर्म, सनातन संस्कृति और भारत की आजादी के लिए प्राणों का बलिदान देना स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ने गुलामी की शर्तें मानने से इनकार किया और मातृभूमि के सम्मान को सर्वाेपरि रखा।
बलिदान स्थल का संरक्षण, जीवन पर डॉक्यूमेंट्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीदों की स्मृति को बनाए रखने के लिए उनके बलिदान स्थल का संरक्षण किया जा रहा है। उनके जीवन और बलिदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी बनाई जा रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह, मंत्री राकेश सिंह, महापौर, सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी क्षेत्रों के विकास और जनजातीय समुदाय के जीवन स्तर में सुधार के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत से विकास’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजते हुए आगे बढ़ रहा है।